महोबा। जिले से निकले बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे व कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे कस्बा खन्ना में औद्योगिक ग्रीनफील्ड गलियारा बनेगा। करीब 1,500 किसानों की 111.90 हेक्टेयर जमीन को चिह्नित कर प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा गया है। इससे जिले में औद्योगिक विकास की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
जनप्रतिनिधियों की पहल पर जिले में अब औद्योगिक विकास की संभावनाएं बढ़ने लगी हैं। पत्थरमंडी कबरई के प्रमुख केंद्र पहरा के पास शुरू हुए औद्योगिक विकास के बाद अब खन्ना में औद्योगिक ग्रीनफील्ड गलियारा बनने की उम्मीद बढ़ गई है। हमीरपुर-महोबा सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल, सदर विधायक राकेश गोस्वामी व विधान परिषद सदस्य जितेंद्र सिंह सेंगर औद्योगिक विकास से शून्य महोबा जिले में बेरोजगारों को जिले में ही रोजगार सृजन को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उद्योग लगवाने की मांग उठा रहे थे।
जिले में औद्योगिक ग्रीनफील्ड गलियारा को हरी झंडी मिलने पर कार्यदायी संस्था यूपीडा के कार्यपालक अधिकारी ने आवश्यक जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव मांगा था। जिलाधिकारी मनोज कुमार के निर्देश पर राजस्व विभाग ने महोबा तहसील के खन्ना से निकले बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और कानपुर-सागर हाईवे के पास 111.90 हेक्टेयर जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। जल्द ही जमीन अधिग्रहण के बाद कार्य शुरू होने की उम्मीद है। अपर जिलाधिकारी रामप्रकाश ने बताया कि औद्योगिक ग्रीनफील्ड गलियारा के लिए मांगी गई आवश्यक जमीन का प्रस्ताव औद्योगिक विकास प्राधिकरण को भेज दिया गया है। करीब 1,500 किसानों की जमीन चिह्नित की गई है। इसके अलावा आरक्षित भूमि भी शामिल है।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और हाईवे किनारे बनने वाले औद्योगिक ग्रीनफील्ड गलियारा से जिले में रोजगार के द्वार खुलेंगे। यहां के लोगों को काम के लिए महानगरों में नहीं जाना पड़ेगा। यह जमीन ऐसी जगह पर ली जा रही है, जहां पर लोग आसानी से हाईवे से उतरकर आ जा सके। इसका उद्देश्य एक्सप्रेसवे का क्षमता अनुरूप उपयोग कर जिले में औद्योगिक केंद्र विकसित किया जाना है। गलियारा में ओडीओपी संबंधी उद्योग, वेयर हाउस आदि स्थापित किया जाएगा। जिससे लोगों को जिले में ही काम मिल सकेगा।