रोडवेज के बाहर सालों से बनी दुकानों को हटाने का एसडीएम ने गुरुवार को अल्टीमेटम दे दिया। जिससे दुकानदारों में खलबली मच गई। एसडीएम ने चेतावनी दी की यदि दो दिन के अंदर गुमटियां व दुकानें न हटाई गई तो बुलडोजर चला दिया जाएगा।
मालूम हो कि रोडवेज की बाउंड्री से सटाकर गुमटियां, डिब्बे वर्षों से रखे हुए हैं। रोडवेज की इमारत का चंद दिनों बाद निर्माण कराया जाना है। जिसके मद्देनजर दुकानदारों को दुकानें हटाने के लिए एक सप्ताह पहले कहा गया था, जिससे रोडवेज का नए सिरे से निर्माण कार्य शुरू कराया जा सके लेकिन दुकानदारों ने आज तक न तो गुमटियां हटाई और न ही अस्थाई दुकानें। इस पर गुरुवार को उपजिलाधिकारी प्रबुद्व सिंह ने मौके पर पहुंच एक-एक दुकानदार के पास जाकर दुकानें हटाने का अल्टीमेटम दिया।
एसडीएम प्रबुद्व सिंह, आरएम बांदा रामजीत वर्मा, एआरएम महोबा एसएन शर्मा ने रोडवेज परिसर का निरीक्षण कर जायजा लिया। बाद में दुकानदारों को दुकानें हटाने का अल्टीमेटम दिया। मौेके पर पहुंचे हमीरपुर महोबा के सांसद पुष्पेन्द्र सिंह चंदेल ने अधिकारियों से वार्ता कर रोडवेज की इमारत का निर्माण होने के बाद पुराने दुकानदारों को ही दुकानें देने की बात कही। साथ ही रोडवेज और प्राईवेट बस स्टैंड एक स्थान से संचालित करने की बात कही।
रोडवेज से कार्यशाला तक की हटेगी दुकानें
रोडवेज के अस्पताल साइड के गेट से कार्यशाला की बाउंड्री तक रखे लकड़ी के डिब्बे, गुमटियां और अस्थाई करीब 50 दुकानदारों को दो दिन की मोहलत दी गई है। दो दिन के अंदर अपनी दुकानें डिब्बे न हटाने पर रोडवेज के ट्रैक्टर से गुमटियां हटवाकर दुकान मालिकों से श्रमिकों की मजदूरी और भाडे़ का पैसा वसूल किया जाएगा।
50 दुकानदारों की छिनेगी रोजी रोटी
दशकों से रोजी रोटी की जुगाड़ कर रहे झुग्गी झोपड़ी के दुकानदारों के सामने अब रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। वर्षों से जमी जमाई दुकानदारी प्रभावित होने के आसार बढ़ गए है। हफ्तों से तलाशने के बाद भी उन्हें ठीक-ठाक स्थानों पर दुकानें नही मिल रही हैं, जिससे उनका कारोबार खासा प्रभावित होता नजर आ रहा है।