चरखारी (महोबा)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के स्थापना दिवस पर सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज सभागार में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें दूर-दराज से आए कवियों ने श्रृंगार व हास्य व्यंग्य की रचनाएं पेश कीं
कवि सम्मेलन का शुभारंभ हमीरपुर से आईं कवियत्री रजनी श्रीवास्तव ने सरस्वती वंदना से की। झांसी से आए कवि रिंकू पांचाल ने रचना गमों को मैं कुछ तरह हरा देता हूं, बहुत दर्द होता है तो मुस्करा देता हूं सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। कवि सूरज पंडित ने श्रृंगार रस की रचना जब भी पढ़ता हूं उस डायरी को पृष्ठ से तुम चली आ रही हो प्रस्तुत की। छतरपुर से आए कवि मयंक त्रिपाठी ने रचना जो मंदिर तोड़े गए हैं उन्हें हम दोबारा बनवाएंगे, जो चला गया था सैंतालिस में वह हिस्सा वापिस लाएंगे सुनाकर श्रोताओं में जोश भरा। कवि देवेंद्र चतुर्वेदी ने रामलला से नफरत वाली यहां दशाएं नहीं रहेंगी, सत्य सनातन की अवरोधक यहां बलाएं नहीं रहेंगी रचना सुनाई। कवि प्रदीप दिहुलिया ने अपनी हास्य रचनाओं से खूब मनोरंजन कराया। इस मौके पर अजय मोहन तिवारी आदि कवि मौजूद रहे।