महोबा। पत्नी का साड़ी से गला कसकर हत्या किए जाने के पांच साल पुराने मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) सवोत्तमा नगेश शर्मा ने शनिवार को फैसला सुनाया। दोषसिद्ध होने पर पति राजू अनुरागी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
कस्बा कुलपहाड़ के लोहिया नगर वार्ड निवासी सूरज अनुरागी ने 18 मई 2020 को कोतवाली कुलपहाड़ में तहरीर देकर बताया था कि 16 मई की रात करीब साढ़े 11 बजे उसकी मां राजकुमारी घर के कमरे में सो रही थी। सात वर्षीय छोटा भाई संजय व पिता राजू भी उसी कमरे में सो रहे थे। दस वर्षीय बहन चंदा और दादा अच्छेलाल दूसरे कमरे में थे। वह अलग कमरे में लेटा था। देर रात पिता ने छोटे भाई संजय को उसके कमरे में लेटा दिया। सूरज ने बताया कि जब वह लघुशंका के लिए उठा तो मां के कमरे का दरवाजा बंद मिला। वह पीछे वाले दरवाजे से गया तो मां अचेत अवस्था में पड़ी थी और उसके गले में साड़ी लिपटी थी। जगाने पर मां नहीं उठी। हाथ में खून लगा था और पिता कमरे में नहीं थे।
बताया कि पिता ने मां को साड़ी से गला दबाकर मार डाला है। शोर मचाने पर पड़ोसी आ गए। अचेत अवस्था में राजकुमारी को सीएचसी कुलपहाड़ ले जाया गया। वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। बेटे ने पुलिस को बताया कि उसके पिता का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। इसी के चलते हत्या की है। पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज की। मामले की विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। शनिवार को न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया।