बुंदेलखंड में सूखे के चलते तीन सालों से फसल की पैदावार नहीं हुई है। उनका पलायन रोकने के लिए शत प्रतिशत लाभार्थियों के खाद्य सुरक्षा के कार्ड बनाए जाने के निर्देश जिला पूर्ति अधिकारी ने दिए हैं।
बुंदेलखंड में चार पहिया वाहन स्वामियों, छह एकड़ से ज्यादा भूमि वाले किसानों, दो शस्त्र लाइसेंस धारकों, सरकारी कर्मचारियों और आयकर रिटर्न दाताओं को छोड़कर सभी लोगों के खाद्य सुरक्षा के कार्ड बनाए जा रहे है। 100 फीसदी पात्रों के होेने पर भी राशन कार्ड बनाए जाएंगे। जबकि अन्य जिलों में 68 और 75 फीसदी ही कार्ड बनाए जा रहे है। बुंदेलखंड में पिछले तीन साल से अतिवृष्टि और सूखे के चलते किसान तबाह हो गया है। रोटी के लिए अब अन्नदाता महानगरों के लिए पलायन कर रहा है।
शासन ने पलायन रोकने के लिए जिले के अंत्योदय कार्ड धारकों को समाजवादी पैकेट का वितरण शुरू कराया है। जिसमें एक किलो घी, 10 किलो आटा, 25 किलो आलू, पांच किलो चने की दाल, पांच लीटर सरसो का तेल, एक किलो देशी घी, एक किलो मिल्क पाउडर, 10 किलो चावल, एक किलो चीनी, एक किलो नमक और 200 ग्राम हल्दी दी जा रही है।