जिले में बुखार का कहर थमता नहीं दिख रहा है। बुखार की चपेट में आकर महिला समेत तीन की मौत हो गई। जबकि सैकड़ों मरीज जिला अस्पताल और प्राइवेट अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं।
एक पखवारे से जिले में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप जारी है। उल्टी, दस्त व बुखार के साथ हाथ, पैरों में तेज दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ी है। चिकनगुनिया के लक्षण होने से मरीजों में हड़कंप मचा है। जिला अस्पताल में सुबह से ही सैकड़ों मरीज पहुंच रहे हैं।
वहीं, ग्रामीण अंचलों में तमाम मरीज प्राइवेट क्लीनिकों में अपना उपचार करा रहे हैं।
गुरुवार को बुखार से पीड़ित तीन लोगों की मौत हो गई। कस्बा बेलाताल निवासी सुरेंद्र (50) तीन दिन से तेज बुखार से पीड़ित थे। परिजनों ने प्राइवेट क्लीनिकों में उपचार कराया। गुरुवार को हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल लाए।
जहां उनकी मौत हो गई। इसी प्रकार महोबा निवासी मलकू (52) व ग्राम चितहरी निवासी रज्जो (70) की तेज बुखार से मौत हो गई। संक्रामक बीमारियों से लगातार हो रहीं मौतों से ग्रामीणों में भय है।