बुंदेलखंड की झीलें परदेसी परिंदाें के अनुकूल है। यही वजह है कि हर साल सर्दी के मौसम में प्रवासी पक्षी यहां पर डेरा जमाते है। वहीं कुछ दिन पहले आए पंछियों के बड़े होने पर उनका शिकार कर लिया जाता है। शिकारियों को देखते हुए पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों ने शिकारियों पर रोक लगाने के लिए कर्मचारियाें को विजय सागर पक्षी विहार में तैनात किया गया है। पंछियों को शिकार से बचाने के लिए वन विभाग ने तालाब के बीच में एक टावर बनाया गया है जहां पर शिकारियों पर नजर रखी जाती है। विजय सागर के अलावा अर्जुन बांध, उर्मिल बांध, मझगवां बांध, मौदहा बांध, लहच्यूरा बांध, कबरई बांध के अलावा कुछ झीलें बड़े भूभाग में फैली हुई हैं। जिससे इन स्थानों पर परदेसी परिंदों की न तो पुलिस रक्षा कर पाती है और न ही वन विभाग के कर्मचारी। जिससे इन इलाकों की झीलाें और बांधों में धड़ल्ले से प्रवासी पक्षियों का शिकार हो रहा है। यही वजह है कि 40 फीसदी पक्षी भी अपने वतन नहीं लौट पाते हैं। सर्दी में परदेसी परिंदों का गोश्त गर्म होने के कारण मांसाहार के शौकीन अच्छी कीमत देकर इन्हें खरीदते हैं। प्रभागीय वनाधिकारी रमेश चंद्र ने बताया कि परदेसी परिंदों को शिकार से बचाने का पूरा प्रयास किया जाता है। विजय सागर पक्षी विहार में वन विभाग के कर्मचारियाें को तैनात करके शिकारियाें पर लगाम लगाई गई है।