महोबा। शासन के निर्देश पर जिले में कार्यरत 22 विशेष इंजीनियरों को ग्राम पंचायतों में तैनात किया गया है। तैनात इंजीनियर पांच हजार से अधिक जनसंख्या वाली ग्राम पंचायतों को मॉडल गांव बनाने के लिए विशेष कार्य कराते हुए निगरानी रखेंगे। जेई की अनुमति और सत्यापन के बाद ही भुगतान हो सकेगा।
जिले की 12 ग्राम पंचायतों को मॉडल गांव का दर्जा दिया गया है। जहां पर खाद के गड्ढे, कंपोस्ट पिट, सामुदायिक एवं कचरा पात्र रखवाए जाने, प्लास्टिक बैंक की स्थापना, स्वच्छता किट, एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र, सोखपिट और तालाबों पर फिल्टर चैंबर बनाए जाएंगे। इसके अलावा अन्य ग्राम पंचायतों को भी मॉडल गांव बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी चित्रसेन सिंह ने बताया कि मॉडल ग्राम पंचायतों के अलावा सभी 273 ग्राम पंचायतों में 15वें वित्त आयोग की निधि से कार्य कराए जाएंगे। 22 इंजीनियरों की तैनाती कर गांवों का आवंटन किया गया है। जिसमें तैनात इंजीनियर ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों के प्राक्कलन तैयार कराते हुए ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत ओडीएफ प्लस गांव बनाने का काम करेंगे। ब्लॉक कबरई में आठ, चरखारी में चार, जैतपुर और पनवाड़ी में पांच पांच इंजीनियरों की तैनाती की गई है।