महोबा। शहर में संचालित एक चिटफंड कंपनी में दोगुनी रकम का लालच देकर उपभोक्ता से 4.25 लाख रुपये जमा करा लिए गए। समयसीमा पूरी होने के बाद पैसा वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी दी गई। न्यायालय के आदेश पर चिटफंड कंपनी के प्रबंधक समेत छह लोगों पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस जांच में जुट गई है।
चरखारी के सूपा गांव निवासी अनिल कुमार पुत्र रामशरण ने सात वर्ष पहले शहर के नयापुरा नैकाना में संचालित एक चिटफंड कंपनी में 75 हजार रुपये जमा किए थे। अधिकारियों ने पांच वर्ष में रकम दोगुनी होने का लालच दिया, तब अनिल कुमार ने अपने रिश्तेदारों के 3.50 लाख रुपये जमा करा दिए थे। 25 नवंबर 2018 को समयसीमा पूरी होने पर पैसा वापस देने की मांग की गई, तो उसे टहलाया गया। कंपनी कार्यालय में ताला डालकर फरार हो गए। पीड़ित ने कंपनी के प्रबंधक से संपर्क कर पैसा वापस करने की मांग की तो गालीगलौज कर जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित ने घटना की तहरीर कोतवाली में सौंपी लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी। तब उसने न्यायालय का सहारा लिया।
न्यायालय के आदेश पर शहर कोतवाली में चिटफंड कंपनी के प्रबंधक राजेश कुमार सिंह, उसकी पत्नी प्रियंका सिंह निवासी जानकीपुरम लखनऊ, आशीष कुमार श्रीवास्तव निवासी प्रयागराज, दुर्गेश जायसवाल निवासी हजरतगंज लखनऊ, दीपक शुक्ला निवासी जानकीपुरम लखनऊ व विक्रांत त्रिपाठी निवासी विकास नगर लखनऊ के खिलाफ धोखाधड़ी, गालीगलौज व धमकी का मामला दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना कोतवाली के एसएसआई आनंद कुमार को सौंपी गई है।