महोबा। शहर के ऐतिहासिक कीरत सागर तट पर चल रहे कजली मेले की पांचवीं शाम घट व कथक नृत्य और भोजपुरी गायन के नाम रही। अयोध्या से आए सत्यांशु पटेल ने भोजपुरी गीतों की प्रस्तुति से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। राम वनवास नाट्य के सजीव मंचन ने मेला प्रेमियों को भावविभोर किया तो दिवारी नृत्य के हैरतअंगेज कारनामे देख दर्शक दांतों तले अंगुलियां दबाने को मजबूर हो गए। कार्यक्रम देखने के लिए बारिश के बीच देर रात तक मेलाप्रेमी जुटे रहे।
कजली मेले में बुधवार की रात सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ अपर जिलाधिकारी वित्त इंद्रनंदन सिंह व सीडीओ बलराम कुमार ने दीप जलाकर किया। पहली प्रस्तुति रामआसरे राही ने लोकगीत के साथ की। उन्होंने वीर रस में बुंदेलखंड के लोकगीतों से समां बांधा। जनपद झांसी के गरौठा से आए सीताराम आर्य एंड पार्टी ने नृत्य की प्रस्तुतियों से दर्शकों को बांधे रखा। राजा कुशवाहा एंड पार्टी ने कछियाई नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। पंकज तिवारी एंड टीम ने घट नृत्य की सुंदर प्रस्तुति दी। कलाकारों ने सिर पर कई घड़े रखकर नृत्य करते हुए पायलों की झंकार के साथ कला का प्रदर्शन किया।
जनपद संत कबीरनगर के निखिल कसौधन की टीम ने सूर्य की आराधना की आकर्षक प्रस्तुति दी। इसके अलावा शास्त्रीय नृत्य व कथक नृत्य की प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। जनपद अयोध्या के सत्यांशु पटेल एंड पार्टी के कलाकारों ने भोजपुरी गायन कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस दौरान उन्होंने कजली मेला पर गीत, बधाई गीत ए राजा जी एकरे त रहल ह जरूरत मुहूर्त खूबसूरत हो पेश कर समां बांधा।
इसके बाद लखनलाल यादव एंड टीम ने दिवारी नृत्य और पाई डंडा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। जिसमें कलाकारों का समन्वय देखते ही बना। रूपेंद्र कुशवाहा और बृजेश तिवारी की ओर से राम वनवास नाट्य कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। जिसमें राम-सीता स्वयंवर, राजा दशरथ का राज्याभिषेक का वार्तालाप, मंथरा का रानी कैकेयी के कान भरकर राजा से दो वर मांगने को विवश करना।
फिर वनवास जाने की बात भगवान राम को बताना, राम, सीता व लक्ष्मण का वनवास को जाना, ऋषि का कैकेयी को चेतावनी देना, राम का वन जाने का आग्रह करना व वनवास काल काटने के बाद भगवान राम का राज्याभिषेक होने का मंचन दिखाया गया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका अपर्णा नायक ने किया। इस मौके पर एसडीएम शिवध्यान पांडेय, डीआईओएस प्रेमचंद्र यादव, बीएसए राहुल मिश्रा, सेवायोजन अधिकारी आकांक्षा वाजपेयी, विकास पचौरी, साहित्यकार संतोष कुमार पटैरिया आदि मौजूद रहे।
आज के मुख्य आकर्षण
महोबा। ऐतिहासिक कजली मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अंतिम दिन शुक्रवार है, जिसमें कई कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी। श्यामलाल बुंदेली लोक गायन, पुष्पेंद्र कुमार निर्भय भजन लोक गीत, रघुवीर सिंह व राधा प्रजापति राई नृत्य, साक्षी दिवारी नृत्य पेश करेंगे। पायल एंड बृजेश सिंह राजा हरिश्चंद्र नाटक और दिव्यांशी मौर्य इंडियन आइडल नाइट प्रस्तुत करेंगी। मुख्य आकर्षण रसिक इंटरनेशनल इवेंट ग्रुप कानपुर का कृष्ण जन्माष्टमी पर वृंदावन का महारास व फूलों की होली होगा। संवाद
आल्हा मंच पर रात्रिकालीन कार्यक्रम बंद
महोबा। शहर के कीरत सागर तट पर आल्हा मंच के रात्रिकालीन कार्यक्रम बंद कर दिए गए हैं। किन्नरों के नृत्य का दृश्य सामाजिक माध्यम पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने एक दिन पहले रोक लगाई, केवल आल्हा गायन की अनुमति दी। आल्हा मंच के अध्यक्ष शरद तिवारी दाऊ ने बताया कि आल्हा गायकों की कमी के कारण रात के कार्यक्रम बंद किए गए। बृहस्पतिवार शाम से मंच पर कोई कार्यक्रम नहीं हुआ। संवाद
फोटो 03 एमएएचपी 10 परिचय-राम वनवास नाट्य के तहत राम-सीता के स्वयंवर का मंचन करते रूपेंद्र कुशवा
फोटो 03 एमएएचपी 10 परिचय-राम वनवास नाट्य के तहत राम-सीता के स्वयंवर का मंचन करते रूपेंद्र कुशवा