हमीरपुर। एससीएसटी के 15 साल पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट रनवीर सिंह की अदालत ने फैसला सुनाया है। अदालत ने दोषी जावेद को चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आठ हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
मौदहा कोतवाली के कस्बा मोहल्ला हैदरगंज निवासी पीड़ित भूरा वर्मा ने 27 अप्रैल 2010 को तहरीर दी थी। बताया था कि 27 अप्रैल को शाम करीब छह बजे वह अपने घर पर था। तभी अचानक उसके मोहल्ले का जावेद जो मोहल्ले में दादागिरि का रोब जमाए रहता है। उसने उसके बेटे देवीदीन (16) को घर से निकालकर मारा पीटा और वह बीच बचाव करने आया तो उसे भी मारा पीटा है। इससे उसे व उसके बेटे को गंभीर चोटें आई हैं। उसके बेटे को मारते हुए बड़ेरी नाले के पास तक ले गया। मारपीट से उसके बेटे की हालत गंभीर है। मोहल्ले की भीड़ जमा हो जाने पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए जानमाल की धमकी देता चला गया। अदालत ने दोषी को सजा सुनाई है।