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बक्सवाहा जंगल को बचाने के लिए बुंदेलों ने शुरू किया हवन पूजन

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महोबा। बुंदेलों ने पहले बकस्वाहा जंगल जाकर वहां की माटी को चूमा, फिर अपने खून से खत लिखकर प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश तक से बकस्वाहा जंगल को कटने से बचाने के लिए गुहार लगाई। बुंदेलखंड में बुंदेलों ने पेड़ों को रक्षासूत्र बांधकर उनको बचाने का संकल्प लिया। फिर सोमवार को बुंदेलों ने बकस्वाहा जंगल की रक्षा के लिए हवन पूजन किया।
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बुंदेलों ने सुबह छह बजे गोरखगिरि में दो हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित गोरखेश्वर महादेव की गुफा में व नीचे शिव मंदिर में बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने अपने साथियों के साथ हवन पूजन किया। सभी लोग अपने गले में ‘बकस्वाहा जंगल को कटने से बचाओ’ की तख्तियां भी टांगे नजर आए। इस मौके पर अवधेश गुप्ता, डा. एलसी अनुरागी, प्रवीण व पंकज चौरसिया, ग्यासी लाल, प्रहलाद पुरवार, शैली व दिलीप नामदेव आदि भी मौजूद रहे।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नजर
महोबा के अलावा छतरपुर में हरित सत्याग्रह कर रहे समाजसेवी अमित भटनागर, शरद कुमार, फतेहपुर में बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के प्रमुख ई. प्रवीण पांडेय, बांदा में बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के महामंत्री डाल चंद्र मिश्रा, चित्रकूट में पर्यावरणविद् राम बाबू तिवारी, प्रवीण उपाध्याय व हमीरपुर में बुंदेलखंड क्रांति दल के सत्येंद्र अग्रवाल व बुंदेलखंड नवनिर्माण सेना के प्रमुख विनय तिवारी ने हवन पूजन कर ईश्वर से प्रार्थना की कि 30 जून को एनजीटी व एक जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में बक्सवाहा जंगल को कटने से बचाने के पक्ष में फैसला हो।
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