सुबह से ही हवेली दरवाजा प्रांगण में ट्रैक्टरों में स्कूली बच्चों द्वारा
सजाई गई झांकियां एकत्र हुई। हाथी, घोड़े और ऊंट भी पहुंच गए।
अपराह्न तीन
बजे हवेली दरवाजा परिसर से निकाली गई शोभायात्रा का उद्घाटन डीएम वीरेश्वर
सिंह, एसपी केके गहलौत और पालिका अध्यक्ष पुष्पा अनुरागी ने फीता काटकर
किया।
इस मौके पर अपर जिलाधिकारी संतोष कुमार राय उपजिलाधिकारी प्रबुद्ध
सिंह मौजूद रहे। शोभायात्रा तहसील चौराहा, सर्राफा चौक, ऊदल चौक, सुभाष
चौक से होते हुए कीरत सागर के तट पर पहुंची।
शोभायात्रा के पीछे महिलाएं
सिर पर कजरियां भुजरियां रखे हुए चल रहीं थी, जिन्हें कीरत सागर पर
विसर्जित किया गया। शोभायात्रा में घोड़े पर सवार ऊदल हाथ में तलवार लिए
हुए सबसे आगे चल रहे थे।
पीछे हाथी पर सवार भाला लिए आल्हा चल रहे थे। अन्य
हाथियों पर मलखान, अन्य योद्धा बैठे हुए थे। शोभायात्रा में न्यूू आदर्श
शिक्षा निकेतन के बच्चों ने रानी मल्हना का डोला, मां शारदा कांवेंट के
बच्चों शंकर पार्वती और नशा मुक्ति, सविता सेन समाज, ज्ञान गंगा पब्लिक
स्कूल ने सुआ पंखनी सखियों के साथ, रविदास कमेटी, बैजनाथ शिशु मंदिर के
बच्चों ने श्रवण कुमार की झांकियां सजाई।
शिशु शिक्षा मंदिर, शिशु ज्ञान
भारती, पंचमबाल विद्या मंदिर, जनता जूनियर हाईस्कूल समेत दो दर्जन से
ज्यादा स्कूली बच्चों द्वारा सजाई गई झांकियों को देखने के लिए भारी भीड़
जुटी।
सड़कों के दोनों तरफ महिलाएं झांकियां देखने के लिए पहले से ही खड़ी
हो गई, वहीं तमाम लोग झांकियां देखने के लिए छतों पर चढ़ गए। भीड़ ने हवेली
दरवाजा से कीरत सागर तक चार किमी. का सफर पैदल चलकर तय किया।