ग्राम बुड़ेरा में खेतों में लगी भीषण आग व आग से जलकर राख हुई गेहूं की फसल
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पनवाड़ी (महोबा)। थाना पनवाड़ी के ग्राम बुड़ेरा में गुरुवार की दोपहर खेतों में अचानक लगी भीषण आग ने जमकर तबाही मचाई। अग्निकांड की घटना में एक दर्जन किसानों की करीब 100 बीघा में पकी खड़ी गेहूं व चने की फसल जलकर राख हो गई। सूचना के बाद भी फायर बिग्रेड नहीं पहुंची, जिससे किसानों में आक्रोश है। चार गांव के सैकड़ों लोगों ने मशीनें चलाकर चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अग्निकांड की घटना में किसानों की लाखों रुपये की क्षति हुई है।
ग्राम बुड़ेरा में एक दर्जन किसानों के खेत एक दूसरे से जुड़े हैं। खेतों में लगी चना व गेहूं की फसल इस समय पूरी तरह पककर तैयार हो गई थी। दो दिन मौसम खराब होने के चलते किसान फसल की कटाई नहीं करा सके। गुरुवार की दोपहर अचानक रामकृपाल के खेत में आग लग गई। देखते ही देखते आसपास के खेतों को भी आग ने अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें और धुएं का गुबार देख किसान दौड़ पड़े। घटना की सूचना पुलिस और फायर बिग्रेड को दी गई। भीषण आग लगने से आसपास के अन्य किसान भी सहम गए। बुड़ेेरा के अलावा टपरियन, जखा आदि गांवों के लोग भी आ गए। कुओं की रखी मशीनों से किसानों ने पानी डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया लेकिन करीब 100 बीघा में फैल चुकी आग पर चार घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझाई जा सकी।
अग्निकांड की घटना में रामकृपाल की 25 बीघा, मूर्ति की 10 बीघा, भगत कुमार की 4 बीघा, मत्थी, हरगोविंद व प्रकाश की 5-5 बीघा, चैनू की 4 बीघा, बृजेंद्र की 6 बीघा, मदन यादव की 7 बीघा, स्वामी प्रसाद की 8 बीघा, इंदी की 4 बीघा और उदयान की 10 बीघा भूमि में लगी गेहूं व चना की फसल जलकर राख हो गई। किसानों का आरोप है कि सूचना के बाद भी दमकल गाड़ी नही पहुंची। यदि समय पर दमकलकर्मी आ जाते तो आग से हुई क्षति को बचाया जा सकता था। सूचना पर थानाध्यक्ष पनवाड़ी अभिमन्यु यादव पुलिस फोर्स के साथ मौके पर तैनात रहे और आग बुझाने में सहयोग किया। घटना की सूचना राजस्व विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई है। आग लगने के कारण स्पष्ट नही हो सके हैं।