महोबा। मौसम बदलने के साथ बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। एक माह में 10 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में बच्चे भी हैं। जांच में अब तक डेंगू के 20 से अधिक मरीज मिल चुके हैं। इसके अलावा कई मरीजों में प्लेटलेट्स गिरने के साथ डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं।
शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी खुलते ही मरीजों व तीमारदारों की भीड़ जुटी। पर्चा बनवाने से लेकर काउंटर से दवा लेने के तक के लिए मरीजों को जद्दोजहद करनी पड़ी। इस दौरान कई मरीजों में पहले पर्चा बनवाने को लेकर एक-दूसरे से नोकझोंक हुईं। ओपीडी में 531 मरीजों का उपचार किया गया जिसमें 165 मरीजों के सैंपल की जांच की गई। डेंगू के पांच में से तीन और टाइफाइड के 46 में से दो मरीज पॉजिटिव निकले।
पिछले 24 घंटे में दिव्यांशी, साक्षी, रिजवाना, सृष्टि, रूपा, रोशनी, महेश, प्रियांशु, मयंक, रतन व आर्यन के तेज बुखार से पीड़ित होने पर जिला अस्पताल के वार्डों में भर्ती कराया गया। वहीं, एक माह में दिव्या, सुखदेव, सनी, अर्पिता समेत दस लोगों की बुखार से मौत हो चुकी है। उधर, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि टाइफाइड और डेंगू के संक्रमित मरीजों का उपचार चल रहा है।
बुखार व डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है। लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है। बुखार आने पर तत्काल अस्पताल में जांच कराएं और दवा लें। ऐसे में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं करनी चाहिए। सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अपने-अपने क्षेत्र में दवाओं का छिड़काव कराएं। -डॉ. विनय कुमार, सीएमओ, महोबा।