फोटो 26 एमएएचपी 20 परिचय-किसानोंं को कतार में बैठाते पुलिसकर्मी। संवाद
पनवाड़ी (महोबा)। सहकारी समिति कर्मचारियों की हड़ताल ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। समितियों में ताले लटकने से डीएपी के लिए मारामारी मची है। रबी की बोआई के समय में किसान खाद के लिए रात से ही कतारों में लगने को मजबूर हैं। इसके बाद भी कई किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
सोमवार को कस्बा पनवाड़ी के बुड़ेरा रोड स्थित पीसीएफ केंद्र पर एक हजार बोरी डीएपी आने की सूचना मिलते ही किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। करीब 1,500 किसान खाद लेने पहुंच गए। कई किसान रात तीन बजे से ही डाकबंगला मैदान में कतार लगाकर खड़े हो गए। सुबह पहुंचे नायब तहसीलदार विकास गोयल, लेखपाल बृजेंद्र पाल व अजय गौड़ ने 500 टोकन बांटे। इस दौरान पुलिस की मौजूदगी में खाद का वितरण कराया गया। टोकन सीमित होने से बड़ी संख्या में किसानों को निराश होकर लौटना पड़ा।
किसान मनोज, वीर सिंह, भानुप्रताप, नत्थी, सुरेश ने बताया कि वे पिछले छह दिनों से डीएपी के लिए भटक रहे हैं। रबी की बोआई का मुख्य समय चल रहा है। ऐसे में समय पर खाद नहीं मिली तो फसल की बोआई प्रभावित होगी। पीसीएफ केंद्र प्रभारी दिनेश का कहना है कि प्रशासन के निर्देश पर फार्मर रजिस्ट्री, आधार कार्ड और खतौनी के दस्तावेज लेकर प्रति किसान एक बोरी खाद दी जा रही है। भीड़ को देखते हुए थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
फोटो 26 एमएएचपी 20 परिचय-किसानोंं को कतार में बैठाते पुलिसकर्मी। संवाद