स्टेट बैंक में खेती के लिए किसान क्रेडिट से कर्ज लेने वाले कृषकों को ब्याज और मूलधन में छूट देने की सुविधा शुरू की गई है। वित्तीय वर्ष 2014 तक एनपीए हुए खातों में 20 से 30 प्रतिशत तक ब्याज की छूट मिलेगी। साथ ही कर्ज अदा करने में मजबूर कृषकों को मूलधन में भी छूट का प्रावधान रखा है।
बेलाताल के स्टेट बैंक शाखा प्रबंधन गिरीश कुमार खरे ने बताया कि 2014 को हुए खराब खातों पर 20 प्रतिशत से 30 प्रतिशत तक ब्याज दर में छूट देने का प्रावधान रखा गया है, साथ ही मूलधन में भी छूट का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि कृषक इस पर भी सहमत नही है। तो शाखा द्वारा उसके खाते का नवीनीकरण नए मापदंडों के अनुसार कर दिया जाएगा। किसानों के केसीसी लिमिट को डेढ़ गुना से दो गुना तक बढ़ा दिया जाएगा।
किसानों के हक में बैंक द्वारा लागू की गई महत्वपूर्ण योजना का लाभ उठाने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि इस समाधान योजना से किसानाें को भारी राहत महसूस होगी। केसीसी का कर्ज अदा न करने वाले किसान 08 अगस्त को महोबा में होने वाली लोक अदालत में बैंक की ब्याज माफी योजना का फायदा उठा सकते है।उन्होंने बताया कि इसमें कागजों के लिए तहसील में भटकना नही पड़ेगा। आईडी, खसरा, खतौनी बैंक के अधिक्रत ऐडवाइजर को बुलाकर बैंक की कागजी कार्रवाई शाखा में ही पूर्ण करा दी जाएगी। किसान को बैंक में ही कागजात उपलब्ध करवा कर केसीसी की सुविधा नवीनीकरण में आने वाले उचित खर्च को कृषक ही वहन करेंगें। शाखा प्रबंधक ने पेशनरों की सुविधा के लिए शुरू हुई योजना की जानकारी देते हुए बताया कि पेंशनरों को आधार कार्ड लाने पर भुगतान हो जाएगा। महज आधार कार्ड लाने वाले पेंशन दाता को अंगूठा लगाना पड़ेगा।