कुलपहाड़ (महोबा)। मूंगफली खरीद केंद्रों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ बुंदेलखंड किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने बुधवार से तहसील परिसर में आमरण अनशन शुरू कर दिया। इस दौरान किसानों ने पांच सूत्री मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
सूचना पर सहायक निबंधक व सहायक आयुक्त सहकारिता व एसडीएम मौके पर पहुंचे। काफी समझाने के बाद भी किसान नहीं माने। किसान मूंगफली खरीद की जांच व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
बुंदेलखंड किसान यूनियन के संगठन प्रभारी बालाजी, राष्ट्रीय सचिव अखिलेश रावत के नेतृत्व में किसानों ने आमरण अनशन शुरू किया। कहा कि खरीद केंद्रों पर किसानों की मूंगफली नहीं खरीदी जा रही है। पांच-पांच दिन से किसान केंद्रों के बाहर खड़े हैं जबकि मनमाने तरीके से चहेतों व सुविधा शुल्क देने वालों की मूंगफली खरीदी जा रही है। उन्होंने खरीद केंद्रों में मूंगफली खरीद के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार को रोके जाने, केंद्रों की लिमिट बढ़ाए जाने और सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस की ड्यूटी लगाए जाने की मांग की। कहा कि मूंगफली की तौल सत्यापित खसरे के अनुसार कराई जाए।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता विनय तिवारी, विपणन अधिकारी उदित नारायण सिंह, एसडीएम अनुराग प्रसाद अनशन स्थल पर पहुंचे। किसान यूनियन के नेताओं से वार्ता की। किसान अनशन पर डटे रहे। यूनियन के नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाएंगी, तब तक अनशन जारी रहेगा। इस दौरान किरण पाठक, गिरिजा देवी, देवीदीन राजपूत, मूलचंद पाल ,धर्मेंद्र तिवारी, मोहित तिवारी, रामकली, गिरजा राजपूत, हरनारायण आदि मौजूद रहे। उधर, सहायक निबंधक सहकारिता का कहना है कि उन्होंने किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हैं। नियमानुसार खरीद कराई जा रही है।