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किसान फसल अवशेष और पराली को न जलाए- डीएम

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महोबा। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जन्मतिथि के मौके पर किसान सम्मान दिवस, कृृषि मेला व कृृषि प्रदर्शनी का आयोजन जिला सेवायोजन कार्यालय परिसर में जिलाधिकारी अवधेश कुमार तिवारी की अध्यक्षता में किया गया। जहां पर सेवायोजन कार्यालय प्रांगण में विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी लगाई गई।
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जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार द्वारा किसान सम्मान योजना के तहत दो किस्तें भेज दी गई हैं। कहा कि फसल अवशेष व पराली को न जलाएं, बल्कि इसको जिले की गोशालाओं में भेजें, ताकि उसका चारे के रूप में सदुपयोग हो सके। कहा कि जो भी किसान अन्ना गोवंश को अपने यहां पालेगा। उसको सरकार द्वारा 30 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु अनुदान दिया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी हीरा सिंह ने कहा कि अन्ना पशुओं से निजात पाने के लिए किसान अपने पशु घरों पर बांधें। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक मुकेशचंद ने कहा कि कृषि क्षेत्र में किसानों को आगे लाने में चौधरी चरण सिंह का बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने हर मंच से किसानों के लिए आवाज उठाई। किसानों को मृदा परीक्षण कराकर की खाद उर्वरकों की प्रयोग करने की सलाह दी।
इस मौके पर दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में उत्कृृष्ट कार्य करने वाले मवई खुर्द के किसान ज्ञानप्रकाश, पुरा के मंगल सिंह, बन्नी के राजकिशोर व रामबालक पाल, उद्यान विभाग द्वारा बागवानी व औषधीय खेती करने वाले प्रगतिशील किसान ध्वजपाल सिंह, गोविंददास, बृजेंद्र कुमार, घासीराम, महेश कुुमार वर्मा, मुन्ना माली सहित दो दर्जन किसानों को शाल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सेवायोजन प्रांगण में डीएम ने कृृषि प्रदर्शनी के स्टॉल देखे। यहां उप निदेशक कृृषि जीराम, जिला कृृषि अधिकारी वीपी सिंह, जिला उद्यान अधिकारी विजय चौरसिया, दुग्ध निरीक्षक सुशील शर्मा सहित बेलाताल कृृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. सुनील कुमार, रामजी गुप्ता, रामरतन गुरुदेव आदि वक्ताओं ने विचार व्यक्त किए।
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समिति बनाकर बढ़ा रहे दुग्ध उत्पादन
फोटो 23 एमएएचपी 09 परिचय-ज्ञान प्रकाश
महोबा। ग्राम मवई खुर्द निवासी ज्ञान प्रकाश को दुग्ध उत्पादन में सम्मानित किया गया। इनके द्वारा दुग्ध समिति बनाकर दूध का उत्पादन बढ़ाया जा रहा है। समिति के सचिव ज्ञान प्रकाश का कहना है कि दूध की बढ़ती किल्लत को देखते हुए उन्होंने दुग्ध उत्पादन की शुरुआत की थी।
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परिवार से ली खेती करने की प्रेरणा
फोटो 23 एमएएचपी 10 परिचय-कमलेश
महोबा। इमिलिया निवासी कमलेश को गेंहूू की अच्छी पैदावार करने पर डीएम ने शॉल ओढ़ाकर व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कमलेश कहती है कि एक हेक्टेयर में 50 कुंतल गेंहू की पैदावार करती है। कृषि कार्य करने की प्रेरणा उन्होंने अपने परिवार से ली।
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निजी तालाब में कर रहे मछली पालन
फोटो 23 एमएएचपी 11 परिचय-महेश प्रसाद
महोबा। पुरवा जैतपुर निवासी महेश प्रसाद को मत्स्य पालन करने पर शॉल ओढ़ाकर और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। महेश ने अपने खेत में तालाब खुदवाकर मत्स्य पालन की शुरुआत की। 12 हजार रुपये की लागत से एक लाख मछली के बच्चे खरीदकर निजी तालाब में डाले गए। जहां से करीब चार लाख रुपये की मछली से मुनाफा कमाया।
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दूध व घी बेचकर चला रहे परिवार
फोटो 23 एमएएचपी 12 परिचय-रघुनाथ
महोबा। कुलपहाड़ निवासी रघुनाथ को भैंस पालन करने पर प्रशस्ति पत्र और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। रघुनाथ भैंसों को पालकर गोबर की खाद तैयार करके खेतों में डालते हैं और दूध व घी की बिक्री करके परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं।
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