महोबा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में वर्ष 2024 में हुए भ्रष्टाचार की जांच व वर्ष 2025 में फर्जी बीमा कराने वालों पर रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेजने की मांग को लेकर जय जवान, जय किसान एसोसिएशन के बैनर तले किसानों ने आरपार की लड़ाई का ऐलान कर दिया। लामबंद किसान सोमवार को सदर तहसील परिसर पहुंचे और फसल बीमा के नाम पर हुए व्यापक घोटाले के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर दिया।
धरने पर बैठक किसानों ने बताया कि वर्ष 2024 के खरीफ सीजन में 17 किसानों के नाम बीमा करा लिया। व्यक्तिगत दावा व फसल कटाई प्रयोग के माध्यम से 35 लाख रुपये का क्लेम लिया गया है जबकि गांव का कुल बीमित क्षेत्रफल 86.70 हेक्टेयर है। इससे साफ है कि बीमा कराने वाले सभी किसानों के पास औसतन पांच हेक्टेयर से अधिक भूमि है लेकिन यह संभव नहीं है। इसी तरह ब्लॉक पनवाड़ी के लोधीपुरा ग्राम पंचायत के सिमरिया, ग्राम पंचायत नकरा, कुलपहाड़ तहसील के इंदौरा, चरखारी तहसील के लुहारी, भटेवरकलां, ग्राम पंचायत रिवई के संतोषपुरा, ब्लाक कबरई की ग्राम पंचायत पलका, सिजवाहा, ज्योरइया आदि में भी फसल बीमा के नाम पर गोलमाल मिला है।
धरने पर बैठे एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष गुलाब सिंह ने कहा कि सरकार से क्लेम लेने वाले बीमा माफियाओं व फर्जी बीमा कराने वालों से किसानों को पैसा वापस दिलाया जाए। धरना प्रदर्शन में मनोहर सिंह, चंद्रभूषण, अनिल यादव, राजकुमार राजपूत, विश्वनाथ, परीक्षत, मुकेश कुमार, कालीचरण आदि मौजूद रहे।