बिजली का कनेक्श्ान काटने पर भ्ाड़के किसान
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महोबा। महोबा खजुराहो रेलवे लाइन में जमीन अधिग्रहीत होने वाले किसान को 12 वर्ष बाद भी मुआवजा रनहीं मिला। मुआवजे के लिए आला प्रशासन से न्याय की फरियाद लगाने वाला किसान परिवार आंदोलन को मजबूर हो गया। सदर तहसील में परिवार के साथ अनशन पर बैठे किसान ने मुआवजा दिलाने की मांग उठाई है।
सदर तहसील प्रांगण में सोमवार को रेलवे लाइन के निर्माण में जमीन गवाने वाले किसान ने अनशन शुरू कर दिया है। अनशन में उसके साथ पत्नी मालती पुत्र राजेश और राकेश के साथ बैठे है। वृद्ध किसान प्रताप नारायण द्विवेदी ने बताया कि मुड़हरा मौजे में 9.91 एकड़ भूमि थी। जिससे परिवार का गुजारा चलता था। इसमें से 2.10 एकड़ भूमि महोबा-खजुराहो रेलवे लाइन के लिए अधिग्रहित कर ली गई। पर जमीन का मुआवजा नहीं दिया गया।
कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई। जमीन अधिग्रहीत को12 वर्ष बीत चुके है लेकिन रेलवे विभाग के अधिकारी भी मुआवजा देने के प्रति संवेदनशील नहीं है। किसान ने मुख्यमंत्री सहित आला प्रशासन को मांग पत्र देकर कहा कि अगर मुआवजा नहीं मिला तो उसका अनशन अनिश्चितकालीन रहेगा।