मुआवजा धनराशि आने के बाद भी किसानों को राहत चेक न मिलने से गुस्साएं किसानों ने मंगलवार को तहसील में नारेबाजी कर जमकर प्रदर्शन किया। बाद में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर लेखपालों द्वारा राहत राशि वितरण की जा रही हीलाहवाली की जांच कर कार्रवाई की मांग की।
मालूम हो कि रबी की फसल ओलावृष्टि और अतिवृष्टि की भेंट चढ़ जाने से शासन ने राहत राशि मुहैया कराया था। जिसके लिए शासन ने चार माह पहले ही राहत राशि जिले में भेज दी थी। लेकिन लेखपालों की लापरवाही और तानाशाही के चलते आज तक कई गांव के किसानों को न तो चेकें मिलीं, और न ही उनके खातों में राहत राशि भेजी गई। लेखपालों द्वारा की जा रही मनमर्जी की शिकायतें भी किसान नेताओं ने कई बार जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी से की है, लेकिन लेखपालों की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं आ रहा है। मंगलवार को विकासखंड कबरई के लिलवाही और सिरसी गांव के कल्लू, रामदीन, शंकरलाल, देवीदीन, गयादीन, रमेश कुमार सहित आधा सैकड़ा से ज्यादा किसानों ने तहसील पहुंचकर जमकर प्रदर्शन किया। बाद में जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा। ग्रामीणों ने पत्र में बताया कि लेखपाल राहत राशि देने के नाम पर टालमटोल नीति अपना रहे हैं। कभी खातों में पैसा भेजने की बात कहकर टिरका दिया जाता है, जिससे किसान दिन-दिन भर बैंक में लाइन लगाकर पैसा चेक करते हैं, लेकिन अभी तक किसानों के खातों में राहत राशि नहीं आई है। इससे गुस्साए किसानों ने जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया।