समाज कल्याण विभाग में सक्रिय दलालों का खेल अनपढ़ गरीबों के गले की फांस बन गया है। रोजगार परक लांड्री योजना से फर्जी अभिलेख और दूसरों की फोटो लगाकर जमानतदार खड़े कर दलाल ऋण निकाल ले गए। ऋण अदा न करने पर जमानतदारों को विभाग ने नोटिस थमा दी। जिससे गरीब किसानों की रातों की नींद हराम हो गई है। गुरुवार को किसानों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर मामले की जांच कराए जाने की मांग की है। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया है।
मुख्यालय में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की लांड्री योजना से रोजगार स्थापित करने के लिए दलालों के सहारे वितरित कराए गए ऋण की हकीकत सामने आने लगी है। डीएम वीरेश्वर सिंह के सामने किसानों ने फर्जी तरह से लांड्री योजना के ऋण निकालने में रामआसरे प्रजापति, रामेश्वर और पंखी प्रजापति निवासीगण बरात पहाड़ी को बिना फोटो लगाए ही उन्हें जमानतदार बना दिया। पीड़ितों ने बताया कि दलालों ने वर्ष 2010-11 में लांड्री योजना से कबरई के गुरू प्रसाद के नाम लांड्री योजना निकाला गया। इसी नाम के एक अन्य व्यक्ति के नाम कबरई शास्त्री नगर के पते पर कर्जा निकाला गया। विवेक नगर कबरई के धरमपाल धोबी के नाम भी 21600 का ऋण वर्ष 2012-13 में निकाला गया, जिसमे फर्जी तरीके से अभिलेख जुटा कर दूसरे की फोटो लगाकर जमानतदार बनाया गया है। पीड़ितों ने बताया कि न ही कभी किसी को अभिलेख जमानतदार बनने को दिए गए है और न ही अभिलेखों में कभी दस्तखत अंगूठा किया है। उन्होंने डीएम को जिला प्रबंधक उत्तर प्रदेश अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम द्वारा भेजी गई जमानतदार का नोटिस दिखाते हुए कहा कि वसूली कराने के लिए विभाग द्वारा दबाव बनाया जा रहा है। डीएम ने पीड़ितों की शिकायत पर समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को मामले की हकीकत जांच कर दो दिनों के अंदर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। साथ ही जालसाजी कर योजना की धनराशि हड़पने और गरीबों को फर्जी तरीके से जमानतदार बनाने वालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया है।