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पुराने नोट जमा न करने पर हुई नोकझोंक

Tue, 20 Dec 2016 11:41 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला महोबा
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प्र‌तिकात्मक
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पुराने नोट जमा करने के लिए मंगलवार को बैंक कर्मियों व ग्राहकों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। ग्राहक पुराने नोट जमा करने के लिए एक बैंक से दूसरे बैंक भटकते रहे। 30 दिसंबर से पहले पांच हजार रुपये से अधिक के पुराने नोट सिर्फ एक बार ही जमा किए जा सकते हैं। इस नई शर्त के बाद मंगलवार सुबह जैसे ही बैंक खुले जमाकर्ता पुरानी करेंसी लेकर बैंक पहुंचे। बैंक ने 5000 से अधिक के पुराने नोट खाते में जमा करने से मना कर दिया। साथ ही नोटिस चस्पा कर दी कि केवल 5000 रुपये ही जमा हो सकेंगे। जिससे जमाकर्ता मायूस हो गए और बैंक कर्मियों से नोकझोंक करने लगे।
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व्यापार मंडल के महामंत्री बनवारीलाल गुप्ता ने बताया कि बहुत से ऐसे जमाकर्ता हैं, जो बैंक में भारी भीड़ देखकर दिसंबर के अंत में पुरानी करेंसी खातों में जमा करने का मन बना चुके थे। जैसे ही मंगलवार को स्टेट बैंक पहुंचे प्रबंधक अशोक कुमार गुप्ता ने बताया बैंक का साफ्टवेयर 5000 रुपये से अधिक नहीं ले रहा है। उधर, बैंक आफ बड़ौदा में पुराने नोट जमा करने पहुंचे लोगों से कैशियर ने पांच हजार रुपये से ज्यादा नहीं लिए। इसे लेकर नोकझोंक हुई।

बैंक आफ बड़ौदा के प्रबंधक एसपी सिंह ने बताया कि दिनभर ग्राहकों से नोकझोंक हुई। लेकिन किसी भी खाते में 5000 रुपये से अधिक की धनराशि जमा नहीं कराई गई। 5000 से ऊपर रुपये जमा न होने का नोटिस हर बैंक के गेट पर चस्पा कर दिया है। जबकि केंद्र सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि 5000 से अधिक की धनराशि केवल एक बार 30 दिसंबर के पहले जमा कर सकते हैं। यदि प्रबंधक चाहे तो जमा कराई जा रही धनराशि के विलंब का कारण लिखित ले सकता है। लेकिन यहां तो किसी भी बैंक ने केंद्र सरकार के इस नियम को तवज्जो नहीं दी। जिससे हर बैंक में ग्राहकों और बैंक कर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक होती रही।
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