महोबा। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव के सख्त आदेश के बाद जिला अस्पताल में मरीजों को बाहर से दवाएं लिखने वाले डॉक्टरों पर अब कार्रवाई होगी। अमर उजाला में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आ गया। सीएमएस ने सभी डॉक्टरों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही दोबारा बाहर की दवाएं लिखते मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में सभी प्रकार की दवाएं होने के बाद भी डॉक्टर कमीशनबाजी के चक्कर में मरीजों को बाहर से महंगी दवाएं लाने की पर्ची थमाते हैं। सात नवंबर को संवाद न्यूज टीम ने जिला अस्पताल की पड़ताल की थी। इसमें हर दूसरे मरीज को बाहर से दवाएं लिखे जाने की हकीकत सामने आई थी। मरीजों की इस समस्या को अमर उजाला ने आठ नवंबर के अंक में कमीशन के खेल, आदेश फेल... बाहर की लिखी जा रही दवाएं शीर्षक से बुंदेलखंड पेज पर खबर प्रकाशित की। जिसके बाद विभागीय अधिकारी हरकत में आ गए।
मंगलवार को सीएमएस डॉ. सुरेश कुमार ने ओपीडी का निरीक्षण कर डॉक्टरों को बाहर से दवाएं न लिखने की चेतावनी दी। बताया कि बाहर की दवाएं लिखे जाने को लेकर सभी को नोटिस दिए गए हैं। निरीक्षण दौरान उन्होंने कक्ष में डॉ. राजेश भट्ट से मरीजों को दिए जा रहे उपचार के बारे में जानकारी ली। साथ ही दवा कक्ष में स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिए कि ओपीडी के डॉक्टर कक्ष खाली न होने तक दवाएं वितरण बिल्कुल बंद न किया जाए। ताकि, मरीजों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो।