फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंचायत चुनाव मतगणना: परिणाम आते ही कहीं खुशी तो कहीं गम

विज्ञापन
विज्ञापन
महोबा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना चारों ब्लॉकों में रविवार को सुबह आठ बजे से कड़ी सुरक्षा में शुरू हुई। सूरज चढ़ने के साथ ही ग्राम प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशियों के किस्मत का पिटारा खुलने लगा। दोपहर बाद चुनाव नतीजे आते ही विजेता प्रत्याशी व उनके समर्थक खुशी से झूम उठे। वहीं, हारे प्रत्याशी मायूस होकर लौटते नजर आए। देर शाम तक जिला पंचायत सदस्यों के परिणाम नहीं आ सके। देर रात तक मतों की गणना का काम चलता रहा। अधिकारी मतगणना स्थलों का भ्रमण कर पल-पल की गतिविधि की जानकारी लेते रहे।
विज्ञापन

जिले में कबरई ब्लॉक के लिए राजकीय पॉलीटेक्निक महोबा, चरखारी ब्लॉक के लिए महिला पॉलीटेक्निक चरखारी, पनवाड़ी ब्लॉक के लिए नेहरू इंटर कालेज पनवाड़ी और जैतपुर ब्लॉक के लिए राजकीय पॉलीटेक्निक कुलपहाड़ को मतगणना केंद्र बनाया गया है। सुबह छह बजे से ही मतदान कार्मिक मतगणना स्थलों पर पहुंच गए। अलग-अलग टेबलों पर कार्मिकों ने सुबह आठ बजे मतों की गिनती शुरू की। ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्य की अलग-अलग गड्डियां बनाई गई। दोपहर 12 बजे के बाद प्रधान व बीडीसी के परिणाम आने शुरू हो गए। विजेता प्रत्याशी खुशी से फूले नहीं समाए, दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवारों के चेहरों पर उदासी साफ नजर आई।
जिले में ग्राम प्रधान के 273, क्षेत्र पंचायत सदस्य के 345, ग्राम पंचायत सदस्य के 3397 और जिला पंचायत सदस्य की 14 सीटों के लिए मतदान हुआ था। रविवार को दो शिफ्टों में मतगणना शुरू कराई गई। सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक पहली शिफ्ट में मतों की गिनती कराई गई। दूसरी शिफ्ट में रात आठ बजे से देर रात तक मतों की गिनती चलती रही। अभी सभी परिणाम नहीं आ सके। विजेता ग्राम प्रधानों को ब्लॉकों में बनाए गए आरओ ने विजयी होने के प्रमाणपत्र सौंपे। जिला निर्वाचन अधिकारी सत्येंद्र कुमार, एसपी अरुण कुमार श्रीवास्तव, पर्यवेक्षक डॉ. सतीश कुमार, सीडीओ डॉ. हरिचरण सिंह, एडीएम रामसुरेश वर्मा, एएसपी आरके गौतम आदि ने चारों ब्लॉकों में बने मतगणना स्थलों का निरीक्षण कर कार्मिकों को आवश्यक निर्देश दिए।
विज्ञापन

निर्वाचन आयोग के तमाम आदेेेेशों के बाद भी मतगणना स्थलों पर कोविड नियमों का पालन नहीं हो सका। चारों ब्लॉकों में बने मतगणना स्थलों के बाहर सुबह से ही समर्थकों की भीड़ जुटी रही। इस दौरान पुलिस ने कई बार भीड़ को खदेड़ा। मतगणना स्थलों के अंदर भी सामाजिक दूरी का पालन होते नहीं दिखा। कक्षों में लगी टेबलों पर प्रत्याशियों के एजेंट एक-दूसरे से सटकर मतों की गिनती देखते नजर आए। हालांकि प्रशासन ने पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मामीटर से जांच के बाद ही प्रत्याशियों व एजेंटों को अंदर प्रवेश दिया। कोविड का लक्षण मिलने वाले एजेंटों को प्रवेश नहीं दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें