कबरई (महोबा)। पहरा गांव में देश आजाद होने के बाद पहली बार ग्राम प्रधान की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित की गई है। इससे अनुसूचित जाति के लोगों में खुशी का माहौल है।
ग्राम पंचायत पहरा में 4306 मतदाता हैं, पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के सबसे ज्यादा 2666 मत हैं, जो कि कुल मतदाता का 61.9 प्रतिशत है। 925 सामान्य मतदाता हैं, जो 21.48 प्रतिशत हैं।
सबसे कम अनुसूचित जाति के 715 मतदाता हैं, जो मात्र 16.6 प्रतिशत है। अनुसूचित जाति के मतदाताओं की संख्या कम होने के बावजूद परसीमन में ग्राम पंचायत अनुसूचित जाति की होने के कारण क्षेत्र में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
गांव के शिवधनी प्रजापति का कहना है कि पहली बार यह ग्राम पंचायत अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हुई है। सभी जाति वर्ग के लोगों को प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलना चाहिए।
राकेश कुशवाहा के मुताबिक अब तक ग्राम पंचायत में सबसे ज्यादा समय तक सामान्य वर्ग के लोगों ने प्रतिनिधित्व किया है। अब अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित की गई है।
दुर्गा प्रसाद अहिरवार के अनुसार इस बार ग्राम पंचायत में अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को पहली बार प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा। इस फैसले से लोग बेहद खुश हैं।
सौरभ दीक्षित का कहना है कि गांव में अनुसूचित जाति की संख्या सबसे कम हैं। इसके बाद भी ग्राम प्रधान की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित की गई है। यह बात समझ से परे हैं।