महोबा। पढ़ने की कोई उम्र नहीं और पढ़ने में कोई शर्म नहीं, यह नारा रविवार को अवकाश का दिन होने के बावजूद परिषदीय विद्यालयों में चरितार्थ दिखा। किसी की उम्र 65 साल थी तो किसी की 60। कोई अपने बच्चों की शादी करने के बाद पढ़ाई के प्रति आकर्षित हुआ तो किसी को उनके बच्चे स्कूल तक छोड़ने आए। मौका था नवभारत साक्षरता परीक्षा का। इस दौरान 15 प्लस आयु वर्ग (निरक्षर) के लोगों ने परीक्षा दी। परीक्षा के दौरान इन परीक्षार्थियों में अलग ही उत्साह दिखाई दिया।
दरअसल नवभारत साक्षरता परीक्षा के तहत प्रौढ़ शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से निरक्षरों को साक्षर बनाया जा रहा है। जिले में पंजीकृत 15 प्लस आयुवर्ग के 5,527 परीक्षार्थियों की 458 परीक्षा केंद्रों में रविवार को परीक्षा कराई गई। परीक्षा में 15 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे जबकि 5,512 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। इस दौरान नवभारत साक्षरता के जिला समन्वयक शशांक सचान ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने पसवारा, लमौरा आदि गांवों में स्थित परिषदीय स्कूलों में आयोजित परीक्षा का जायजा लिया। साथ ही परीक्षा ड्यूटी में तैनात शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इस परीक्षा में 15 वर्ष आयुवर्ग से ज्यादा उम्र के परीक्षार्थी शामिल हुए। जिसमें तमाम परीक्षार्थियों की उम्र 60 से अधिक भी है। परीक्षा देने को लेकर बुजुर्गों में खासा उत्साह दिखा।