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नम आंखों से कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किए ताजिये

Wed, 12 Oct 2016 10:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
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ताजिया जुलूस में जुटी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन की याद में मोहर्रम की दसवीं को ताजिया जुलूस निकाला गया। इसके बाद नम आंखों से सभी ताजिये कर्बला के मैदान में सुपुर्द-ए-खाक किए गए। कर्बला जाते समय लोग मरसिया पढ़ते हुए चल रहे थे। बुधवार को करीब तीन बजे मकनिपुरा में
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एकत्र हुए तजिये निकाले गए। जो बड़ीहाट तिराहा, कसौरापुरा तिराहा, भीतरकोट, नियारियनपुरा, जारीगंज होते हुए काजीपुरा के मैदान में पहुंचे। पठानुपरा में एकत्र हुए एक दर्जन से ज्यादा ताजिये पंरपरागत मार्ग से होते हुए रात में 10 बजे काजीपुरा मैदान में पहुंचे। जहां पर सभी ताजियों का एक दूसरे से

मिलाप होने के बाद उन्हें रात में ही कर्बला ले जाया गया। इससे पूर्व हवेली दरवाजा मैदान में सभी ताजिए पहुंचे। ताजिया जुलूस देखने के लिए जगह-जगह महिलाओं और पुरुषों की भारी भीड़ जुटी। लोगों ने ताजिया जुलूस पर लंगर लुटाया। हवेली दरवाजा मैदान से उठे ताजिये कर्बला ले जाए गए। जहां लोग
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हसन हुसैन की याद में लोग मातम करते चल रहे थे। तमाम लोग ताजिये के पीछे नम आंखों से मरसिया पढ़ रहे थे। सभी ताजिये कर्बला के मैदान में पहुंचे जहां पर उन्हें नम आंखों से सुपुर्द-ए-खाक किया गया। चरखारी प्रतिनिधि के अनुसार सिया समुदाय ने असगर अब्बास के आवास से ताजिया

निकाला गया। अलम लेकर सिया समुदाय के लोग मरसिया पढ़तेे हुए गोलाघाट, घड़ी मस्जिद चौराहा होते हुए कर्बला पहुंचे और ताजिया सुपुर्द-ए-खाक किया। लखनऊ से आए मौलाना ने इमाम हुसैन के जीने के तरीके पर अमल करने की बात कही। उधर, सुन्नी समुदाय के लोगों ने नगर में

अलग-अलग इमामबाड़ों से ताजिया जुलूस निकाला जो ड्योढ़ी मैदान में एकत्र हुए। सभी ताजिए परंपरागत मार्गों से होते हुए कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किए गए। अजनर प्रतिनिधि के अनुसार जामा नूरी मस्जिद से ताजिया जुलूस निकाला गया। जो बस स्टैंड मुख्य बाजार होते हुए कर्बला पहुंचा। इस दौरान अकीदतमंदों की भीड़ जुटी रही।


बेलाताल प्रतिनिधि के अनुसार जुगयानापुरा, कचेरनपुरा, मंसूरी कालोनी और ड्योढ़ीपुरा से निकले ताजिये परंपरागत मार्गों से जैतपुर पुलिस चौकी परिसर में पहुंचे। जहां पर दो घंटे तक जलसा होने के बाद सभी ताजिए जमीदारी मोहाल पहुंचे। इसके बाद सभी ताजिए कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किए

गए। खन्ना प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे में बजरंग चौक से सभी ताजिये निकाले गए जो रहुनिया, बाजार, अस्पताल होते हुए कर्बला पहुंचे। कुलपहाड़ प्रतिनिधि के अनुसार सतियनपुरा, चमर्दा, कुरमियनपुरा, हटवारा, टोरियापुरा, बब्बाजू और रमेश सोनी के ताजिये कस्बे में निकाले गए। सभी ताजिये

परंपरागत मार्गों से होते हुए बाजार पहुंचे। जहां पर देर रात जलसा होेने के बाद ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। पनवाड़ी कस्बे में ताजिया जुलूस निकाला गया। देर रात तक जलसा होता रहा।

अलाव के बाद निकाली गई ढाल सवारी
महोबा। मोहर्रम पर्व को लेकर मंगलवार की रात को हुए अलाव के बाद बुधवार को ढाल सवारियां निकली गईं। मातमी धुन के बीच नवयुवक ढाल सवारियां लिए पैंतरे बदलते चल रहे थे। ढाल सवारियां देखने के लिए सुबह से ही भारी भीड़ जुटी। देर रात तक अलाव खेलने के बाद बुधवार को

ढोल-नगाड़ों के साथ हवेली दरवाजा, चौसियापुरा, काजीपुरा, बजरिया, पशुबाजार सहित आधा दर्जन इमामबाड़ों से ढाल सवारियां निकाली गईं। ढाल सवारियों को देखने के लिए लोग पहले से ही सड़कों के किनारे खड़े हो गए। सबसे ज्यादा भीड़ महिलाओं की देखने को मिली।
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