जिले में खोले गए गेहूं क्रय केंद्र किसानों के लिए मुसीबत बन गए है। हालात ये है कि किसान अपना अनाज बचने के लिए क्रय केंद्रों पर तीन दिन से डेरा जमाए हुए है। इसके बाद भी नंबर न आने से किसानों में आक्रोश पनप रहा है। कई क्रय केंद्रों पर पल्लेदारों की भारी कमी के चलते तौल समय से नहीं हो पा रही है।
यहीं वजह है कि एक माह में 36 फीसदी ही खरीद हुई है। गेहूं खरीद के लिए जिले में 36 क्रय केंद्र बनाए गए है। इन केंद्रों में 28 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष अभी तक 10178 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है।
किसान केंद्रों में गेहूं बेचने के लिए तीन दिन से डेरा जमाए हुए है। इससे किसानों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। गेहूं खरीद का समय 15 जून तक निर्धारित किया गया है।
क्रय केंद्रों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए महकमे ने अब पांच नए केंद्र खोले जाने का निर्णय लिया है।
उच्चाधिकारियों से अनुमति भी मिल गई है, जिसके तहत ग्राम पचपहरा, चिचारा, सिजहरी साधन सहकारी समिति पवा और सुरहा गांव में नए क्रय केंद्र खोले जाएंगे जबकि पनवाड़ी में चल रहे तीन क्रय केंद्रों में से एक क्रय केंद्र को ग्राम भरवारा में खेाला जाएगा। दो दिन के अंदर पांचों क्रय केंद्रों का संचालन शुरू हो जाएगा।
गेहूं क्रय केंद्रों पर डेरा जमाए किसान खासा परेशान है। कारण, क्रय केंद्रों के आसपास कहीं खानपान का इंतजाम न होने से उन्हें भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। 24 घंटे में एक बार कई किमी दूर जाकर भोजन करते है। क्रय केंद्र में भी पर्याप्त पानी की व्यवस्था नहीं है। समय से खरीद न हो पाने के कारण किसान क्रय केंद्रों पर खले आसमान के नीेचे दिनरात गुजार रहा है।
इस साल अच्छी फसल होने के कारण क्रय केंद्रों में ज्यादा भीड़ आने से तौल में समय लग रहा है। लेकिन किसानों की समस्या का जल्द ही निस्तारण कराया जाएगा। बढ़ती भीड़ को देखते हुए पांच गांव में नए क्रय केंद्र खोले जा रहे है। जिससे क्रय केंद्रों में भीड़ कम होगी और समय से किसानों के गेहूं की तौल हो सकेगी।
बलराम राजपूत
एएमओ महोबा