हिमुडा परवाणू शहर में एक बार फिर अप्रैल से पानी की दरों में 10 फीसदी तक बढ़ोतरी करने वाला है।
जल निगम की लापरवाही के कारण आधा दर्जन वार्डों में एक माह से पेयजल आपूर्ति प्रभावित है। इससे ऊंचाई वाले कई वार्डों में पेयजल का संकट गहराता जा रहा है। लोगोें ने डीएम से जलापूर्ति बहाल कराने की मंाग की है।
कस्बे के चारों ओर सर्वाधिक पहाड़ी इलाका होने के कारण यहां बोर सफल नहीं हैं। इससे कबरई बांध से पूरे कस्बे में पाइप लाइनों के माध्यम से जलापूर्ति की जाती है। राजेंद्र नगर निवासी व्यापारी नेता प्रीतम प्रसाद निगम, उपेंद्र शुक्ला, नासिर अली आदि ने डीएम अजय कुमार सिंह को भेजे ज्ञापन में बताया कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जलापूर्ति के लिए कुन्हेटा मार्ग में जल संस्थान ने बोर कराकर पंप हाउस बनवाए थे।
इससे जलापूर्ति ऊंचाई वाले वार्डों राजेंद्र नगर, विवेक नगर, लक्ष्मीबाईनगर, भगत सिंह नगर, किदवई नगर, अंबेदकर नगर आदि को होती है।
पिछले एक माह से जलापूर्ति प्रभावित होती है। इससे लोगों को आधा किमी दूर हैंडपंपों से पानी लाना पड़ता है।
व्यापारियों ने डीएम को बताया कि यहां जल संस्थान के अभियंता कभी लाइनों को देखने नहीं आते। साथ ही शिकायतों पर भी कोई कार्रवाई नहीं करते हैं। उन्होंने कस्बे में जलापूर्ति बहाल कराने की मांग की है।