फसल की बर्बादी से आहत एक और किसान की सदमे से मौत हो गई। जिससे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अब तक जिले में सदमे और आत्महत्या में 12 किसानों की मौत हो चुकी है।
थाना क्षेत्र के लोहिया ग्राम बसौठ में दशानंद (46) उर्फ दस्सी पुत्र हल्के के पास तीन बीघा जमीन है। वह इसी जमीन पर खेती कर परिवार चलाता था। पिछले साल उसने बेटी की शादी और फसल बुवाई के लिए साहूकारों से 50 हजार रुपये कर्ज लिया था। खेत में बोई गई चने की फसल अच्छी होने से होने से उसे बेहतर पैदावार की उम्मीद थी। लेकिन दिसंबर माह में में तेज बारिश होने चने के फसल खराब हो गई। गुरुवार को खेतों में कटाई करने गए किसान ने चने के पेड़ों में दाना न देख अहत होकर जमीन पर गिर गया। जिससे परिवारी जन किसान को सामुदायिक स्वास्थ्य मुस्करा ले जा रहे थे तभी रास्ते में ही किसान की मौत हो गई। मृतक के बेटे उमेश ने बताया कि बीज तक न निकलने से पिता खासा परेशान थे और उन्हें साहूकारों के कर्ज की चिंता सता रही थी। उप जिलाधिकारी चरखारी नन्हकू का कहना है कि किसान की मौत के बावत जानकारी मिली है। जांच के लिए राजस्व विभाग की टीम भेज दी गई है।