महोबा। स्वाइन फ्लू के संभावित खतरे व लक्षणों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और जिला अस्पताल के चिकित्सक विशेष सतर्कता बरत रहे हैं। ओपीडी में आने वाले बुखार के प्रत्येक मरीज से डॉक्टर सबसे पहला सवाल यही पूछ रहे हैं कि बुखार के साथ सांस तो नहीं फूल रही।
सीएमएस डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि सामान्य बुखार के साथ-साथ यदि मरीज को सांस लेने में तकलीफ या सीने में भारीपन की शिकायत है तो यह स्वाइन फ्लू का शुरुआती लक्षण हो सकता है। ऐसे मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही है। हालांकि राहत की बात है कि अभी ऐसा कोई मरीज नहीं मिल रहा है। विशेष रूप से मधुमेह, अस्थमा, दमा और फेफड़ों से संबंधित सांस के पुराने रोगियों को इसका खतरा सबसे अधिक होता है। ऐसे उच्च जोखिम वाले मरीजों की केस हिस्ट्री बहुत ध्यान से जांची जा रही है।
ओपीडी में पहुंचने वाले मरीज भले ही मास्क का प्रयोग नहीं कर रहे लेकिन चिकित्सक व अन्य स्टाफ सतर्कता बरत रहा है। डॉ. राजेश कुमार भट्ट ने बताया कि परामर्श के दौरान मरीजों को मास्क पहनने की सलाह भी दी जा रही है। शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी 500 से अधिक मरीज जिला अस्पताल पहुंचे। जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू के लिए अलग से आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। वर्तमान में इस वार्ड में स्वाइन फ्लू का एक भी मरीज भर्ती नहीं है।