झोलाछाप डाक्टर के गलत इलाज से एक ग्रामीण की हालत बिगड़ गई। विभाग व पुलिस से शिकायत करने के बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिससे नाराज ग्रामीण ने झोलाछाप डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार को कचहरी परिसर में परिवार सहित अनशन शुरू किया है। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पसवारा निवासी कृष्णा पुत्र मातादीन ने बताया कि तेज बुखार होने पर उसने 12 अक्टूबर को गांव में आने वाले खेरला निवासी एक डाक्टर को दिखाया। डाक्टर ने इंजेक्शन लगाए और दवाएं दी। आधा घंटे बाद ही कृष्णा के शरीर में फफोले पड़ गए। दवा रियेक्शन करने पर जब डाक्टर से बताया गया तो उसने भगा दिया। पीड़ित ने अपना इलाज झांसी में कराया जहां उसके 20 हजार रुपये खर्च हो गए। विभागीय अधिकारियों व पुलिस को शिकायती पत्र दिए जाने के बाद भी झोलाछाप डाक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंगलवार से कचहरी में पीड़ित कृष्णा ने अपनी पत्नी मोहनी, पुत्र राजेश, राकेश व अन्य परिजनों के साथ झोलाछाप डाक्टरों पर कार्रवाई की मांग को लेकर अनशन शुरू किया है। पीड़ित ने डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई और इलाज के खर्च हुए पैसे वापस दिलाने की मांग की है।
- फोटो : अमर उजाला
झोलाछाप डाक्टर के गलत इलाज से एक ग्रामीण की हालत बिगड़ गई। विभाग व पुलिस से शिकायत करने के बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिससे नाराज ग्रामीण ने झोलाछाप डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार को कचहरी परिसर में परिवार सहित अनशन शुरू किया है। कोतवाली क्षेत्र के
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ग्राम पसवारा निवासी कृष्णा पुत्र मातादीन ने बताया कि तेज बुखार होने पर उसने 12 अक्टूबर को गांव में आने वाले खेरला निवासी एक डाक्टर को दिखाया। डाक्टर ने इंजेक्शन लगाए और दवाएं दी। आधा घंटे बाद ही कृष्णा के शरीर में फफोले पड़ गए। दवा रियेक्शन करने पर जब डाक्टर से बताया
गया तो उसने भगा दिया। पीड़ित ने अपना इलाज झांसी में कराया जहां उसके 20 हजार रुपये खर्च हो गए। विभागीय अधिकारियों व पुलिस को शिकायती पत्र दिए जाने के बाद भी झोलाछाप डाक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंगलवार से कचहरी में पीड़ित कृष्णा ने अपनी पत्नी मोहनी, पुत्र राजेश,
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राकेश व अन्य परिजनों के साथ झोलाछाप डाक्टरों पर कार्रवाई की मांग को लेकर अनशन शुरू किया है। पीड़ित ने डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई और इलाज के खर्च हुए पैसे वापस दिलाने की मांग की है।