कवि सम्मेलन में रचनाएं पेश करते कवि
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कस्बा कुलपहाड़ के ऐतिहासिक जल विहार मेले में चल रहे सांस्कृतिक कार्यक्रमों की छठवीं शाम कवि सम्मेलन के नाम रही। दूर दराज से आए कवियों ने अपनी रचनाओं से देश भक्ति का जज्बा भरा तो हास्य कवियों ने चुटकीली रचनाओं से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। कविताएं सुनने के लिए देर रात तक लोगों की भारी भीड़ जुटी रही। जल विहार मेले में सोमवार की
शाम आयोजित कवि सम्मेलन का शुभारंभ नगर पंचायत अध्यक्ष विमला देवी अनुरागी ने फीता काटने के बाद मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। कवि सम्मेलन की शुरूआत देश के जाने माने कवि व गीतकार सोम ठाकुर ने सरस्वती वंदना से की। लखनऊ से आईं कवि डा. कुसुम चौधरी ने अपनी रचना देश बांटो न खंड खंड में, बांटना है तो मां का
रुदन बांट लो पेश की। ग्वालियर से आए हास्य कवि अमित चितवन ने रचना पल दो पल की जिंदगी हंसना हंसाना चाहिए, सुनाई। हास्य कवि सरबर मुरसानी ने अपनी चुटकीली रचनाओं से लोगों को लोटपोट कर दिया। दिल्ली के कवि यशपाल सिंह ने खून से जिसने कहानी लिख दी, दरिया की रवानी लिख दी, रचना पेश कर लोगोें में देश भक्ति का जज्बा पैदा किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिवराम सिंह राजपूतन ने की। संचालन यशपाल सिंह ने किया।