बिजली विभाग में अंधेरगर्दी मची है। हालत यह है कि विभाग के कर्मचारी न तो कभी रीडिंग लेने आते हैं और न ही रीडिंग के हिसाब से बिल भेजते है। लेकिन अभी विभाग ने एक ही माह में दो बार बिजली का बिल भेज दिया है। इसकी शिकायत एसडीओ से करने पर उन्होंने अगले महीने समायोजन करने की बात कह बिल जमा करा दिया है, लेकिन आज तक बिल माइनस नहीं किया गया है।
शहर के मोहल्ला शुक्लानापुरा निवासी महेश्वरी प्रसाद शुक्ला ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि एक किलो. वाट के घरेलू कनेक्शन धारक को बिना कोई सूचना दिए ही मीटरों का लोड बढ़ाकर दो किलोवाट कर दिया गया। जबकि घर का विद्युत भार एक किलोवाट ही है। उन्होंने बताया कि पुराने इलेक्ट्रानिक मीटर में रीडिंग 7410 थी, जिसका प्रार्थी ने भुगतान जमा कर दिया था। विभाग द्वारा नए मानक के अनुसार इलेक्ट्रानिक मीटर माह जून 2015 में लगाया गया। नए मीटर की रीडिंग 7328 है। इसलिए प्रार्थी का 82 यूनिट का बिल विभाग में अतिरिक्त जमा है, जिससे विभाग ने आज तक माइनस नहीं किया है। उन्होंने बताया कि 8 जुलाई को 3664 रुपये और 31 जुलाई को 14461 रुपये बिजली का बिल भेज दिया। एक माह में दो-दो बार अलग अलग अमाउंट के बिल भेजे जाने की महकमे द्वारा की गई अंधेरगर्दी की शिकायत जिलाधिकारी से कर मामले की जांच की मांग की है। जिस पर जिलाधिकारी ने बिजली विभाग के अधिशाषी अभियंता को समस्या के निराकरण कराने के निर्देश दिए हैं। बिजली विभाग के अधिशाषी अभियंता का कहना है कि एक माह में दो बिल नहीं भेजे जाते हैं, फिर भी यदि ऐसा हुआ है तो जांच कराकर जायज बिल ही लिया जाएगा।