ट्रांसफार्मर में फ्यूज बांधते समय लाइन चालू कर दिए जाने से मंगलवार को संविदा बिजली कर्मचारी की करंट से मौत हो गई। विभाग की लापरवाही से गुस्साई भीड़ ने बिजली विभाग के अधिकारियों की मारपीट कर खदेड़ दिया।
शहर के मोहल्ला भटीपुरा निवासी निजामी खां (36) पुत्र इमाम खां आफीसर्स कालोनी में लगे ट्रांसफार्मर में फ्यूज बांधने गया था। बिजली बंद होने के बाद वह काम करने लगा। इस दौरान अचानक बिजली चालू कर दी गई। इससे कर्मचारी ट्रांसफार्मर में ही चिपक गया।
लोगों ने फोन कर बिजली लाइन बंद कराई और कर्मचारी को अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर बिजली विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। उत्तेजित भीड़ ने अधिकारियों के साथ मारपीट कर खदेड़ दिया। परिजनों ने बिजली विभाग के अधिकारियों से मुआवजा दिलाए जाने की मांग की।
सिट डाउन को लेकर बिजली के खंभों या ट्रांसफार्मर में काम करते समय बिजली चालू कर दिए जाने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई लोग 25 फीट ऊंचे खंभे से करंट लगते ही जमीन पर गिर चुके है। इसके बाद भी महकमे ने इस पर रोक लगाने के लिए कोेई सख्त कदम नहीं उठाया। तीन माह पहले बजरिया निवासी गुड्डू बिजली सही करते समय लाइन चालू हो जाने से खंभे से नीचे गिर गया था। इसी तरह चरखारी में भी एक संविदा कर्मचारी बिजली सही करते समय खंभे से गिरकर घायल हो गया था।
आफीसर कालोनी के ट्रांसफार्मर में अचानक बिजली लाइन चालू कर देने से मौत का शिकार हुआ संविदा कर्मचारी निजामी तीन साल पहले मौत के मुंह से बच गया था। गौरतलब है कि तीन साल पहले खंभे में लाइन सही करते समय अचानक बिजली चालू कर दी गई थी, जिससे वह 25 फीट ऊपर खंभे में काम करते समय नीचे जा गिरा, लेकिन इलाज के बाद बच गया था।
आए दिन काम करते समय बिजली चालू हो जाने से बिजली कर्मचारियों के साथ घट रही घटनाओं का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। जांच अधिकारी उपजिलाधिकारी सदर प्रबुद्ध सिंह और सीओ सिटी जितेंद्र सिंह को बनाया गया है। उपजिलाधिकारी ने बताया कि सिट डाउन लेने के बाद बिजली कैसे चालू हो जाती है। इसका भी पता लगाया जाएगा। साथ ही सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा जिससे इस तरह की पुनरावृत्ति न हो सके।