संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। अतिवृष्टि व ओलावृष्टि से वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-23 की बर्बाद हुई रबी सीजन की फसल की राहत राशि किसानों के खातों में भेजने के लिए डाटा फीडिंग का काम तेज हो गया है। किसानों के खातों को दुरुस्त कराया जा रहा है। शासन से 1.08 करोड़ की राशि भी भेज दी गई है जो जल्द ही 5,569 किसानों के खातों में पहुंचेगी।
वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-23 में अतिवृष्टि व ओलावृष्टि के कारण एक लाख से अधिक किसानों की फसलें प्रभावित हुईं थीं। दैवीय आपदा राहत कोष से मुआवजा दिए जाने के लिए बर्बाद फसल का मुआयना किया गया था। आधार कार्ड लिंक न होने और फीडिंग का काम सही न होने के कारण वर्ष 2021-22 में 4,363 किसानों के खातों में राहत राशि नहीं पहुंची जबकि वर्ष 2022-23 में 1,206 किसानों के खातों में राहत राशि नहीं पहुंची।
बजट का अभाव होने के कारण किसानों को राहत राशि देने में दिक्कत आई। तीन दिन पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मामले की समीक्षा की थी और महोबा समेत 17 जिलों के अधिकारियों से क्षतिग्रस्त फसलों का मुआवजा देने के मामले में लापरवाही बरतने पर जवाब-तलब किया था। इससे अधिकारियों में खलबली मच गई। किसानों के डाटा फीडिंग का काम तेज कर दिया गया है।
एक सप्ताह के अंदर प्रभावित किसानों के खातों में राहत राशि पहुंचने की उम्मीद है। उधर, एडीएम वित्त एवं राजस्व रामप्रकाश का कहना है कि किसानों के डाटा फीडिंग का काम तेजी से कराया जा रहा है। बजट आ गया है। जल्द ही किसानों के खातों में राहत राशि भेजी जाएगी।