कुदरत का कहर किसानों का पीछा नहीं छोड़ रहा है। पहले सूखा और अब भारी बारिश से किसान तबाह हो रहे हैं। झमाझम बारिश से खेतों में पानी भर गया। इससे 50 फीसदी फसल खेतों में ही सड़ गई। किसानों के लिए खाद और बीज का पैसा निकालना भी मुश्किल हो रहा। कृषि निदेशालय लखनऊ से अबकी जिले में एक लाख 38 हजार 336 हेक्टेयर भूमि में खरीफ फसल की
बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया। लक्ष्य के सापेक्ष एक लाख 29 हजार 500 हेक्टेयर भूमि में खरीफ फसल बेाई गई। खरीफ फसल में किसानों ने खेतों की जुताई कर उड़द, मूंग, तिल आदि की फसल बोई। लेकिन लगातार भारी बारिश से 50 फीसदी खेतों में पानी भर गया। जिससे उड़द, मूंग व तिल की फसल खेतों में ही सड़ गई। फसल बर्बाद होने की सूचना उन्होंने राजस्व विभाग व जिला प्रशासन को दी है।
कैसे अदा होगा लिया गया कर्ज
रबी फसल के बाद खरीफ फसल बर्बाद हो जाने से किसानों को कर्ज अदायगी की चिंता सताने लगी है। रविंद्र, मूलचंद्र, अवधेश, सूरज राजपूत, राजेंद्र कुमार, अरविंद आदि किसानों का कहना है कि उन्होंने साहूकारों से कर्ज लेकर खरीफ फसल की बुवाई की थी। लेकिन फसल खेतों में ही सड़ गई।
लक्ष्य के सापेक्ष 90 फीसदी भूमि पर खरीफ फसल की बुवाई हुई है। बारिश से फसल को खासा नुकसान पहुंचा है। सर्वाधिक नुकसान तिल की फसल को हुआ है। जो पूरी तरह खेतों में ही सड़ गई है।
जीडी निरंजन, अपर जिला कृषि अधिकारी