बारिश से खरीफ की फसल बर्बाद होने और एक लाख रुपये की लागत से खुदवाया गया कुआं ढह जाने से किसान की सदमे से मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया।
घटना कोतवाली क्षेत्र के ग्राम नरेड़ी में घटी। ग्राम नरेड़ी निवासी दुलीचंद्र (45) पुत्र स्वामीदीन कुशवाहा ने एक लाख रुपये की लागत से दो माह पहले कुआं खुदवाया था। वहीं खरीफ की फसल के लिए 10 हजार रुपये साहूकारों और पूर्व में 40 हजार रुपये का ग्रीन कार्ड बनवाया था। इस साल खेतों में रबी की फसल की बुवाई कर दी गई थी लेकिन, खेतों में पानी भर जाने से किसान काफी दुखी था। उधर, मंगलवार की शाम उसके खेतों में पानी भरा होने से कुआं भी धसक गया। फसल के बाद कुएं की बरबादी से किसान को सदमा लग गया।
शाम को वह घर पहुंचा तो सीने में दर्द उठा। परिजन उसे अस्पताल ले गए लेकिन, रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतक के बेटे विनोद ने बताया कि वह पहले से ही खरीफ की फसल बर्बाद होने से आहत थे। अब कुआं धसने से उन्हें गहरा सदमा लगा जिससे उनकी मौत हो गई।