अपर जिला सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार मौर्य ने पति की हत्या के मामले में पत्नी और उसके प्रेमी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। घटना में शामिल दो अन्य दोषियों को भी सात सात साल की सजा सुनाई। अदालत ने आरोपियों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया है।
कोतवाली महोबा के ग्राम बरी शिवहार निवासी कुसुम कली पत्नी रामचरन का गांव के ही बालादीन पुत्र बालकिशन से कई सालों से संबंध थे। रामचरन को इसकी भनक लगी तो उसने विरोध किया। इस पर 25 मई 2011 की रात को कुसुमकली ने प्रेमी और दो अन्य साथियों के साथ मिलकर रामचरन की हत्या कर शव को जला दिया था। रामचरन के बेटे प्रमोद अहिरवार ने घटना की रिपोर्ट कोतवाली महोबा में दर्ज कराई थी।
शनिवार को दोनों पक्षाें के गवाह और बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने प्रेमी बालादीन व मृतक की पत्नी कुसुमकली को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा बालादीन के साथी बृजमोहन व मुन्ना को धारा 201 का दोषी ठहराते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई और पांच पांच हजार रुपये का जुर्माना ठोका। जुर्माना अदा न करने पर एक एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। इस मुकदमे की पैरवी जेष्ठ अभियोजन अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने की है।