कजली मेला देखकर लौट रहे ग्रामीणों ने घुटई स्टेशन से
छूट रही पैसेंजर ट्रेन को रुकवाने के लिए इस पर पथराव कर दिया। इससे इंजन
के शीशे टूट गए और ट्रेन का ड्राइवर घायल हो गया।
ट्रेन में चल रहे
जीआरपी के जवानों ने लाठियां फटकार कर ग्रामीणों को खदेड़ा और दो को दबोच
लिया। ड्राइवर ने अगले स्टेशन हरपालपुर में इलाज कराया।
सोमवार की
सुबह मानिकपुर से चलकर झांसी जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में महोबा से सैकड़ों
ग्रामीण चढ़ गए। ये लोग कजली मेला देखकर लौट रहे थे। घुटई रेलवे स्टेशन पर
मात्र दो मिनट ट्रेन रुकती है। ट्रेन यहां रुकी तो यात्री उतरने लगे। भीड़
अधिक होने से कई यात्री उतर नहीं उतर पाए।
दो मिनट बाद जैसे ही
ट्रेन चली, पहले उतर चुके ग्रामीणों ने साथियों को उतारने के लिए इंजन के
आगे जाकर पथराव शुरू कर दिया, जिससे इंजन के शीशे टूट गए। पत्थर लगने से
ट्रेन चालक जाहर सिंह यादव घायल हो गया। इस पर चालक ने ट्रेन रोक दी।
ट्रेन
रुकते ही जीआरपी के सिपाहियों ने पथराव कर रहे उपद्रवियों को खदेड़ दिया।
पकड़े गए दो लोगों को झांसी ले गए। वहां इन्हें जीआरपी थाना झांसी के हवाले
कर दिया। पथराव के कारण ट्रेन आधे घंटे तक घुटई स्टेशन पर खड़ी रही। घायल
चालक ने अगले स्टेशन हरपालपुर में उतरकर उपचार कराया।
इसके बाद
चालक झांसी तक ट्रेन लेकर गया। जीआरपी थानाध्यक्ष अलमा अहिरवार का कहना है
कि कजली मेला देखकर गांव लौट रहे ग्रामीण घुटई रेलवे स्टेशन पर ट्रेन और
देर तक रोकने का दबाव बना रहे थे लेकिन चालक ने निर्धारित समय बाद ट्रेन
आगे बढ़ा दी। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने इंजन पर पथराव किया।