चरखारी (महोबा)। पशुपालन के लिए चलाई जा रही एचएमएसए योजना के अंतर्गत लाभार्थियों से अवैध वसूली के मामले में भूमि संरक्षण अधिकारी समेत दो लोगों के खिलाफ कोतवाली चरखारी में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने एक आरोपी प्राविधिक सहायक को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई से योजनाओं के नाम पर रिश्वत मांगने वाले अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों में खलबली मची है।
गौरतलब है कि तहसील चरखारी के ग्राम अस्थौन में एचएमएसए योजना के अंतर्गत बकरी व भैंस खरीद कर बीमा स्वास्थ्य परीक्षण कराकर टैग लगवा लिए। लाभार्थियों ने प्राविधिक सहायक प्रेम नारायण से अनुदान डालने के लिए कहा तो 5-5 हजार रुपये प्रति लाभार्थी रिश्वत मांगी गई। इसकी शिकायत दो दर्जन से अधिक लाभार्थियों ने हलफनामा के साथ विधायक से शिकायत की थी।
विधायक चरखारी बृजभूषण राजपूत ने जब प्राविधिक सहायक प्रेम नारायण को तलब कर जानकारी की तो उसने बताया कि भूमि संरक्षण अधिकारी (बीएसए) रामनरेश पाल द्वारा पांच हजार रुपये प्रति पशु मांग रहे हैं। इस पर विधायक ने जिलाधिकारी से वार्ता कर भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही थी। डीएम सहदेव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से एफआईआर के आदेश दिए थे। लाभार्थियों की तहरीर पर कोतवाली चरखारी में बीएसए रामनरेश पाल व प्राविधिक सहायक प्रेम नारायण के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत धारा 7/13 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने प्रेम नारायण को गिरफ्तार कर लिया है। कोतवाली प्रभारी सतीश चंद्र शुक्ला ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।