महोबा। घर में घुसकर महिला के साथ दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने दो लोगों को 20-20 साल की सजा सुनाई। साथ ही 14-14 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर एक-एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। अदालत ने दोषियों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया है।
थाना खन्ना क्षेत्र के एक ग्राम निवासी महिला 10 अगस्त 2015 को घर पर अकेली थी। उसका पति दुकान में सो रहा था। तभी रात में करीब एक बजे ग्राम अटघार निवासी कल्लू और संग्राम सिंह ने दीवार फांदकर घर में घुस आए। कमरे में लेटी महिला को दबोचने के बाद मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। दोनों ने महिला के साथ दुष्कर्म किया। उसके चीखने पर दूसरे कमरे में लेटी सास के आने पर कल्लू और संग्राम भाग खड़े हुए। 11 अगस्त 2015 को महिला अपने पति के साथ थाना खन्ना में मुकदमा दर्ज कराने पहुंची। जहां पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बजाय महिला को डांटकर भगा दिया। महिला ने धारा 156 (3) के तहत न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। महिला का प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए अदालत ने दोनों नामजद अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। अदालत के आदेश पर कल्लू और संग्राम सिंह के खिलाफ धारा 376 और 452 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
अपर जिला सत्र न्यायालय सुरेंद्रनाथ ने बुधवार को दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद कल्लू और संग्राम सिंह को दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए 20-20 साल की सजा सुनाई। इस मुकदमे पैरवी करते हुए शासकीय अधिवक्ता नीरज रावत ने बताया कि अदालत ने दोनों पर 14-14 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका है। उन्होंने बताया कि धारा 452 में 4-4 साल की सजा भी सुनाई गई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।