अपर जिला सत्र न्यायाधीश (एफटीसी 2016) संतोष मौर्या ने गुरुवार को एक युवक का अपहरण किए जाने के मामले में आरोपी को सात साल की सजा सुनाई। दो लोगों का दोष सिद्ध न होने पर अदालत ने उन्हें बरी कर दिया।
तीन जनवरी 2004 को कबरई निवासी इंद्रकांत अपने साथी नवनेष के साथ बाइक से महोबा आ रहा था। तभी बाबूलाल तिवारी की बगिया के पास आधा दर्जन लोगों ने मार्शल गाड़ी से इंद्रकांत का अपहरण करके भीलवाड़ा ले गए थे।
घटना की रिपोर्ट इंद्रकांत के भाई रविकांत त्रिपाठी ने सांवरलाल, राजेंद्र सिंह, भैरूलाल, सागर सिंह, केशव नाई, मुन्ना तिवारी सहित छह लोगों के खिलाफ कोतवाली महोबा में अपहरण किए जाने का मुकदमा दर्ज कराया था।
दौरान मुकदमा सागर सिंह की मृत्यु हो गई और राजेंद्र सिंह के फरार रहने के कारण सांवरलाल, भैरूलाल, केशव और मुन्ना तिवारी की पत्रावली सुनवाई के लिए अदालत में पेश की गई।
अदालत ने सांवरलाल को दोषी ठहराते हुए उसे सात साल की सजा सुनाई साथ ही 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। केशव नाई और मुन्ना तिवारी का दोष सिद्ध न होने पर उन्हें बरी कर दिया गया। जबकि राजेंद्र सिंह और भैरूलाल की पत्रावलियां न्यायालय में विचाराधीन हैं। इस मुकदमे की पैवरी शासकीय अधिवक्ता ईरेंद्रबाबू अनुरागी ने की।