अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
बयालीस लाख की रकम ले उड़े तमिलनाडु के टप्पेबाज गैंग के पांच सदस्य शिरडी (महाराष्ट्र) में सीआईयू और ज्वालापुर पुलिस के हत्थे चढ़ गए। शिरडी में कोर्ट में पेश करने के बाद छह दिन का ट्रांजिट रिमांड लेकर आरोपियों को यहां लाया जा रहा है। गैंग के चार सदस्य अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। उनकी धरपकड़ के लिए टीम तमिलनाडु रवाना होगी। ये गैंग देश भर में ऐसी कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है।
कांवड़ यात्रा के दौरान चंद्राचार्य चौक के पास आईसीआईसीआई बैंक शाखा में एटीएम में नगदी डाल रहे एसआईपीएल कंपनी के कर्मचारी सुनील कुमार को गच्चा देकर टप्पेबाज 42 लाख की रकम से भरा बैग ले उड़े थे। सीसीटीवी कैमरे में पांच आरोपी कैमरे में कैद हुए थे। सीआईयू की प्रारंभिक पड़ताल में प्रकरण के तार तमिलनाडु से जुड़े होने की बात सामने आई थी। वारदात का परत दर परत खुलासा होने पर सीआईयू, ज्वालापुर पुलिस की संयुक्त टीम ने महाराष्ट्र का रुख किया।
महाराष्ट्र के शिरडी में छिपे गैंग के पांच सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पूछताछ में सामने आया कि गैंग के नौ सदस्य हरिद्वार आए थे और वारदात को अंजाम देने के बाद चार सदस्य रकम लेकर तमिलनाडु रवाना हो गए थे। पचास हजार की रकम लेकर बाकी पांच सदस्य शिरडी पहुंच गए थे। सीआईयू और ज्वालापुर पुलिस ने हत्थे चढ़े आरोपियों को शिरडी कोर्ट में पेश किया, जहां से छह दिन के ट्रांजिट रिमांड पर लेकर उन्हें यहां लाया जा रहा है। ये गैंग देश भर में बैंक शाखाओं के अंदर घुसकर इसी तरह की टप्पेबाजी की अनेकों वारदात को अंजाम दे चुका है। गैंग के चार सदस्य रकम लेकर तमिलनाडु चले गए हैं, इसलिए पुलिस टीम तमिलनाडु के लिए रवाना होगी।
दो दिन लॉज में ठहरा था गैंग
हरिद्वार। दो दिन हरिद्वार में रहकर गैंग ने कई बैंक शाखाओं में दस्तक दी थी, लेकिन किसी वारदात को अंजाम नहीं दे पाए थे। 16 जुलाई को गैंग हरिद्वार पहुंचा था और एक लॉज में यह ठहरे थे। ये गैंग बड़ी वारदात को अंजाम देने के बाद वहां नहीं ठहरता है।
दिल्ली में फोर्स ने डाला डेरा
हरिद्वार। गैंग के पांच सदस्यों के हत्थे चढ़ने के बाद ही हरिद्वार से पुलिस फोर्स शिरडी के लिए रवाना हो गई थी, ताकि आरोपियों को लाने में दिक्कत न हो। दिल्ली में भी स्थानीय पुलिस ने डेरा डाल लिया है। आरोपियों केे रेल मार्ग से हरिद्वार लाया जा रहा है, इसलिए पुलिस फोर्स की आवश्यकता खासी है।