विभिन्न योजनाओं का लालच देकर अवैध तरीके से धन जमा कराने और हड़पने के मामले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन, लखनऊ ने 18 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद उपनिरीक्षक प्रवीण सिंह को मामले की जांच सौंपी गई है।
जिले के लोगों को मोबाइल पर फोन कर विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने और उसकी एवज में अवैध तरीके से धन जमा कराते हुए हड़प जाने की तमाम शिकायतें पुलिस के उच्चाधिकारियों समेत आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन से की गई थी। जांच में महोबा के दो लोगों समेत 18 लोगों के नाम सामने आए थे।
आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन पंचमतल इंद्रानगर लखनऊ द्वारा शहर कोतवाली में तहरीर दी गई। इसके आधार पर कस्बा श्रीनगर निवासी उमेशचंद्र कुशवाहा, तिंदौली निवासी जाहिर सिंह राजपूत, मथुरा निवासी दिनेश सिंह, महेशचंद्र शर्मा, जवाहर सिंह, जयसिंह निवासी मथुरा समेत 18 लोगों के खिलाफ जनता से धोखाधड़ी, जालसाजी, भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों का उल्लंघन समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
साथ ही कुछ अज्ञात लोगों को भी शामिल किया गया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। उधर, साइबर क्राइम को अंजाम देने वाले लोगों में हड़कंप मचा है। कोतवाली प्रभारी विक्रमाजीत का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। उपनिरीक्षक प्रवीण सिंह को जांचकर्ता बनाया गया है।