महोबा। कस्बा कुलपहाड़ में एसडीएम दफ्तर में अर्दली के शनिवार को फांसी लगाकर जान देेने के 36 घंटे बाद भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया है। जिससे मृतक के परिजनों में खासा आक्रोश है। मोहल्ले में गमगीन माहौल बना हुआ है। रविवार को तमाम लोग सांत्वना देने के लिए आते-जाते रहे।
कस्बा कुलपहाड़ के मोहल्ला सतीयनपुरा निवासी इलाही बख्श (60) पुत्र रमजान बख्श के करीब दो माह रिटायरमेंट के रह गए थे। वह अपने साथियों से रिटायरमेंट के बाद गांव में परिवार के साथ हंसी-खुशी रहकर जीवन गुजारने की बात बताते थे। उसे क्या पता था कि कुदरत को कुछ और ही मंजूर है। उपजिलाधिकारी के चोर कहने के बाद उसने जिंदगी को अलविदा कहते हुए फांसी लगा ली।
अर्दली की मौत के बाद उसके भाई इदरीश ने कोतवाली कुलपहाड़ में घटना की तहरीर दी थी लेकिन पुलिस घटना के 36 घंटे बाद भी किसी मुकाम पर नहीं पहुंच सकी और न ही रिपोर्ट दर्ज की। मृतक के परिवार में दो दिनों से चूल्हा नहीं जल रहा है। शनिवार को मृतक के भाई द्वारा दी गई तहरीर में एसडीएम पर हत्या का आरोप लगाया था। बाद में भाई ने तहरीर बदलते हुए एसडीएम पर लगाए गए आरोप को हटाने के बाद संदिग्ध परिस्थिति में मौत दर्शाते हुए कार्रवाई की मांग की।