महोबा। अदालत ने पांच साल पहले कुल्हाड़ी से हमलाकर भाई की हत्या किए जाने के मामले में सोमवार को सुनवाई करते हुए मृतक के भाई को हत्या का दोषी ठहराते हुए उसे सात साल की सजा सुनाई। अदालत ने अभियुक्त पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। अभियुक्त को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
थाना श्रीनगर के ग्राम तिंदौली निवासी तुलसीदास की पत्नी क्रांति ने 27 सितंबर 2013 को पति के साथ भोजन कर रहे देवर सुंदरलाल को पतली दाल और पति तुलसीदास को गाढ़ी दाल परोसी, जिससे देवर-भाभी के बीच विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर तुलसीदास भी भाई के बजाय पत्नी का पक्ष लेने लगा। इससे दोनों भाइयों में मारपीट शुरू हो गई। छोटे भाई ने घर में रखी कुल्हाड़ी से बड़े भाई पर वार कर दिया, जिससे उसकी अस्पताल में मौत हो गई। घटना की रिपोर्ट मृतक की पत्नी क्रांति ने देवर सुंदरलाल के खिलाफ थाना श्रीनगर में दर्ज कराई थी। पुलिस ने अदालत में चार्जशीट प्रेषित कर दी थी।
सोमवार को जनपद न्यायाधीश अल्ला रक्खे खां ने दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद सुंदरलाल को हत्या का दोषी ठहराते हुए उसे सात साल की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर अभियुक्त को दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। इस मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता इंद्रपाल सिंह ने की।
हत्या के मामले में भाई को सात साल की सजा
-पतली दाल परोसने को लेकर हुआ था दोनों भाइयों में विवाद