महोबा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कबरई में प्रसव के बाद नवजात शिशु की हालत बिगड़ गई। नवजात का वजन बेहद कम होने पर डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जहां नवजात की उपचार दौरान मौत हो गई। घटना से परिजन गमगीन हो गए। इससे पहले भी कुपोषित बच्चों की मौत हो चुकी है। ग्राम मवई निवासी रानी पत्नी मिलन कुशवाहा को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कबरई ले गए। जहां देर रात महिला ने नवजात शिशु को जन्म दिया। बच्चे का बजन डेढ़ किलोग्राम से भी कम होने के चलते उसकी हालत बिगड़ गई। तब डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों सीएचसी के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि प्रसव के बाद हालत बिगड़ने की जानकारी नहीं दी गई। बाद में रेफर बना दिया गया। अस्पताल आए परिजन नवजात की मौत के बाद गमगीन हो गए। इससे पहले भी कम दिन व कम वजन के शिशुओं की मौत हो चुकी है। जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डॉ. एसके वर्मा का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान शिशु का पूर्व रूप से विकास न हो पाने और कम दिन में प्रसव होने से इस प्रकार की समस्या आती है।
प्रसव के बाद कम वजन के नवजात शिशु की मौत
- गंभीर हालत में सीएचसी कबरई से जिला अस्पताल किया रेफर
- कुपोषण के शिकार नवजात शिशुओं की हो रही मौत